TRAI gives Vodafone Idea time till 8 September to respond to notice on priority plan

नयी दिल्ली. भारतीय इंफ्राटेल और इंडस टावर के विलय की प्रक्रिया पूरी हो गयी है। इस विलय से एक बड़ी मोबाइल टावर कंपनी अस्तित्व में आएगी। शेयर बाजार को दी गयी सूचना के अनुसार विलय के तहत वोडाफोन आइडिया को इंडस टावर में 11.15 प्रतिशत हिस्सेदारी के एवज में 3,760.1 करोड़ रुपये नकद मिले हैं। नई कंपनी के प्रवर्तक के रूप में वोडाफोन समूह की हिस्सेदारी 28.12 प्रतिशत होगी जबकि एयरटेल समूह की हिस्सेदारी करीब 36.7 प्रतिशत होगी।

भारती इंफ्राटेल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, “…निदेशक मंडल ने 10-10 रुपये के 757,821,804 इक्विटी शेयर वोडाफोन समूह तथा 10-10 रुपये के 87,506,900 इक्विटी शेयर पीएस एशिया होल्डिंग इनवेस्टमेंट्स (मारीशस) लि. (प्रोविडेंस) को आबंटित किये जो क्रमश: 28.12 प्रतिशत और 3.25 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं”।

कंपनी ने कहा कि इंडस और इंफ्राटेल के विलय की प्रक्रिया पूरी हो गयी है। वोडाफोन आइडिया को इंडस में 11.15 प्रतिशत हिस्सेदारी के एवज में 3,760.1 करोड़ रुपये नकद प्राप्त हुए हैं। विलय के बाद अस्तित्व में आयी कंपनी के प्रबंधक निदेशक और सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) विमल दयाल होंगे।

उनकी नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। कंपनी शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिये जरूरी कदम उठाएगी। नई कंपनी का नाम इंडस टावर लि. होगा। भारती इंफ्राटेल के अनुसार, ‘‘कंपनी के नाम में बदलाव कंपनी कानून, 2013 के तहत सभी सांविधिक जरूरतों को पूरा करने पर निर्भर है…।” प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस बारे में सूचना शेयर बाजारों को दी जाएगी। (एजेंसी)