राशिद खान ने बताया Virat Kohli के सफलता का राज, कहा- कप्तान सफल हैं क्योंकि…

    अबू धाबी. अफगानिस्तान के करिश्माई स्पिनर राशिद खान (Rashid Khan) का मानना है कि विराट कोहली (Virat Kohli) शानदार गेंदबाजी के खिलाफ भी कभी अपने खेल से ध्यान भंग नहीं होने देते है यही भारतीय कप्तान (Indian Captain) की सफलता का राज है। इस लेग स्पिनर को लगता है कि कोहली का मजबूत पक्ष यह है कि वह अपनी बल्लेबाजी (Batting) क्षमता पर पूरा विश्वास करते है और पूरे आत्मविश्वास के बिना कोई शॉट नहीं खेलते है। वह अच्छी गेंदों को उचित सम्मान भी देते हैं।

    राशिद ने यू-ट्यूब कार्यक्रम ‘क्रिकास्ट’ में कहा, ‘‘अच्छी गेंदबाजी के सामने कोई और बल्लेबाज दबाव में आ जाता है और वह स्वीप, स्लॉग स्वीप या कोइ और ऐसा शॉट खेलने लगता है जो उसकी ताकत नहीं है लेकिन कोहली अपने तरीके से खेलते है। वह अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हैं। उनके खेलने की एक शैली है और और वह उसी मुताबिक खेलते हैं। वह कुछ अलग करने की कोशश नहीं करते हैं। मुझे लगता है कि यही कारण है जिससे वह इतने सफल हैं। वह खुद का समर्थन करते हैं।”

    राशिद ने कहा, ‘‘कोहली अच्छी गेंदबाजी का सम्मान करते हैं और कमजोर गेंदों पर रन बनाते हैं। उनका आत्मविश्वास काफी अधिक रहता है। कुछ बल्लेबाजों में आत्मविश्वास की कमी रहती है इसलिए वे संघर्ष करते हैं।” इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइजर्स हैदराबाद का प्रतिनिधित्व करने वाले राशिद भारत के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की अगुवाई में खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा एक सपना है कि मैं धोनी की कप्तानी में खेलूं। उनकी कप्तानी में खेलने के अनुभव से काफी फायदा होगा। गेंदबाज के लिए विकेटकीपर की भूमिका काफी अहम होती है और मुझे नहीं लगता कि इस मामले में उनसे बेहतर कोई है। ”

    राशिद ने कहा कि भारत के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर ने हाल ही में उन्हें काफी अहम सलाह दी थी। उन्होंने बताया, ‘‘ धोनी ने मुझसे कहा था कि क्षेत्ररक्षण के समय डाइव लगाने और गैर जरूरी थ्रो को लेकर मुझे सजग रहने की जरूरत है क्योंकि सिर्फ एक राशिद खान है और लोग उसे देखना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा था कि वह रविन्द्र जडेजा को भी यही सलाह देते हैं।” राशिद सीमित ओवरों में भारतीय टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा के बल्लेबाजी से भी काफी प्रभावित हैं। 

    उन्होंने कहा, ‘‘ मैं यह मानूंगा कि उनके पास अतिरिक्त समय होता है। मैंने काफी कम ऐसे खिलाड़ियों को देखा है जिनके पास शॉट लगाने के लिए इतना समय होता है। वह 145-150 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करने वालों पर भी ऐसे शॉट लगाते हैं जैसे 120 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी हो रही हो।” (एजेंसी)