Team India
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    कोलंबो. दीपक चाहर के अलावा कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की स्पिन जोड़ी के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रविवार को यहां श्रीलंका को नौ विकेट पर 262 रन के स्कोर पर रोक दिया। कई शीर्ष खिलाड़ियों के टेस्ट टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर होने के कारण भारत ने सीमित ओवरों की टीम में कुछ कम अनुभवी खिलाड़ियों को चुना है। चाहर ने 37 रन देकर दो विकेट हासिल किए जबकि कुलदीप (48 रन पर दो विकेट) और चहल (52 रन पर दो विकेट) ने भी दो-दो विकेट चटकाए। कृणाल पंड्या ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में सिर्फ 26 रन देकर एक विकेट चटकाया।

    भारत की सटीक गेंदबाजी के सामने श्रीलंका ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और पहले छह बल्लेबाजों के दोहरे अंक में पहुंचने के बावजूद कोई अर्धशतक नहीं बना। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे चमिका करूणारत्ने नाबाद 43 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जबकि कप्तान दासुन शनाका (39), चरथ असालांका (38) और अविष्का फर्नांडो (32) ने भी उपयोगी पारियां खेली। श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया जिसके बाद फर्नांडो और मिनोद भानुका (27) ने पहले विकेट के लिए 9.1 ओवर में 49 रन जोड़कर टीम को प्रभावी शुरुआत दिलाई। फर्नांडो ने पारी के दूसरे ओवर में चाहर पर लगातार दो चौके जड़े जबकि इसी तेज गेंदबाज पर स्क्वायर लेग के ऊपर से पारी का पहला छक्का जड़ा। चाहर और भुवनेश्वर दोनों गेंद को स्विंग कराने में सफल रहे लेकिन विकेट हासिल नहीं कर सके।

    कप्तान शिखर धवन ने 10वें ओवर में पहली बार स्पिन आजमाने का फैसला किया और चहल ने पहली ही गेंद पर फर्नांडो को एक्सट्रा कवर पर मनीष पांडे के हाथों कैच करा दिया। उन्होंने 35 गेंद की अपनी पारी में दो चौके और एक छक्का मारा। भानुका राजपक्षे (24) ने चहल के इसी ओवर में छक्के से खाता खोला। उन्होंने चहल के अगले ओवर में एक और छक्का जड़ा लेकिन 17वें ओवर में कुलदीप की गेंद पर धवन ने मिड आन पर पीछे की ओर दौड़ते हुए उनका कैच शानदार पकड़ा। कुलदीप के इसी ओवर में मिनोद भी स्लिप में पृथ्वी साव को आसान कैच दे बैठे। उन्होंने 44 गेंद की अपनी पारी में तीन चौके मारे। इस बीच कृणाल ने अपनी स्पिन से दबाव बनाया और इसका फायदा उन्हें अनुभवी बल्लेबाज धनंजय डिसिल्वा के विकेट के रूप पर मिला जो बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में बाउंड्री पर भुवनेश्वर को कैच दे बैठे। उन्होंने 14 रन बनाए।

    भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में श्रीलंका के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाकर रन गति को नियंत्रण में रखा। शनाका ने 31वें ओवर में भुवनेश्वर पर चौके के साथ 59 गेंद के बाउंड्री के सूखे को खत्म किया। चरिथ असालांका और शनाका ने 35वें ओवर में टीम के 150 रन पूरे किए। असालांका ने हालांकि निराश किया और क्रीज पर पर्याप्त समय बिताने के बाद चाहर की गेंद पर इशान को कैच दे बैठे। उन्होंने 65 गेंद में एक चौके की मदद से 38 रन बनाए। चाहर ने इसके बाद वानिंदु हसारंगा (08) को भी कप्तान धवन के हाथों कैच कराके श्रीलंका को छठा झटका दिया।

    श्रीलंका के 200 रन 43वें ओवर में पूरे हुए लेकिन चहल के अगले ओवर में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में शनाका ने लांग आन पर हार्दिक को आसान कैच थमा दिया। उन्होंने 50 गेंद में दो चौकों और एक छक्के की मदद से 39 रन बनाए। हार्दिक ने इसके बाद इसुरू उदाना (08) को पवेलियन भेजा। दुष्मंता चमीरा (13) ने 49वें ओवर में हार्दिक की लगातार गेंदों पर चौका और छक्का जड़ा जबकि करूणारत्ने ने अंतिम ओवर में भुवनेश्वर पर दो छक्के और एक चौके के साथ टीम का स्कोर 250 रन के पार पहुंचाया। श्रीलंका ने अंतिम 10 ओवर में 76 रन जोड़े।

    इससे पहले भारत ने इशान किशन और सूर्यकुमार यादव को पदार्पण का मौका दिया जबकि श्रीलंका की ओर से राजपक्षे ने पदार्पण किया। टी20 क्रिकेट की तरह वनडे में भी इशान और सूर्यकुमार ने एक साथ पदार्पण किया। इशान सिर्फ दूसरे और कुल 16वें खिलाड़ी हैं जिसने अपने जन्मदिन के दिन एक दिवसीय क्रिकेट में पदार्पण किया। भारत की ओर से गुरशरण सिंह ने 1990 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ हैमिल्टन में अपने जन्मदिन पर पदार्पण किया था। (एजेंसी)