Dinesh Karthik and Virat Kohli

    -विनय कुमार

    टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) का मानना है कि भारतीय टीम के धांसू कप्तान विराट कोहली बेहद आक्रामक और कॉम्पिटेटिव कप्तान हैं। जिसका पॉजिटिव असर न सिर्फ टीम के नतीजों में नजर आता है, बल्कि उसका प्रभाव टीम के बाकी खिलाड़ियों पर भी देखने मिलता है।

    गौरतलब है कि, दिनेश कार्तिक ने ‘वर्ल्ड कप 2019’ समेत विराट कोहली की कप्तानी में कई अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। दिनेश मानते हैं कि विराट अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं है जो कि अपने पूरे दिल के साथ मैदान पर उतरते हैं, बल्कि टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जो कि अपनेआप में अलग तरीकों से आक्रामक हैं।

    भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की ODI सीरीज के पहले मैच में बीते मंगलवार को भारत ने इंग्लैंड को बेहद रोमांचक मैच में 66 रनों से हरा कर पहली जीत दर्ज की। इस सीरीज का दूसरा मैच कल 26 मार्च, शुक्रवार को पुणे में ही खेला जाएगा। इस मैच में एक बार फिर जीत के जोश से लबरेज विराट सेना मैदान में इंग्लैंड को पटखनी देने उतरेगी।

    ज़ाहिर है दूसरी तरफ इंग्लैंड की टीम भी जीत के इरादे से भारत के खिलाफ अपनी रणनीति तय करके ताल ठोकेगी। अगर टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज के बचे दोनों मैच जीत जाती है तो ICC WORLD RANKING में टॉप पर विराजमान हो जाएगी।

    टीम में विराट ही नहीं, और भी हैं आक्रामक

    ‘Sky Sports’ से अपनी बातचीत में दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) ने कहा , “हम कोहली की खूबियों और उसकी बॉडी लैंग्वेंज को लेकर काफी चर्चा करते हैं, लेकिन उनके अलावा भी टीम में कई और जानदार खिलाड़ी हैं, जो मैदान पर अपने अंदाज में आक्रामक रहते हैं। आप हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) को ही ले लीजिए, वो पूरे मैच के दौरान किसी न किसी तरीके से सक्रिय रहते हैं। और, वो उन खिलाड़ियों में से हैं जो कि मैच को आसानी से नहीं छोड़ना चाहते हैं।”

    कार्तिक ने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा, “आप रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को लीजिए, वह काफी शांत दिखते हैं, लेकिन काफी आक्रामकता के साथ खेलते हैं। वह बहुत ही आक्रामक हैं, भले ही उनकी बॉडी लैंग्वेंज से  नजर न आए। लेकिन, वो सबकुछ जीतना चाहते हैं। भुवनेश्वर कुमार (Bhuvaneshwar Kumar) की बात की जाए, तो वह भी कोहली (Virat Kohli) की तरह हार बर्दाश्त करने वालों में से नहीं, जो शायद उनके व्यवहार में देखने शायस न मिले। लेकिन, टीम इंडिया ऐसे कैरेक्टर्स से भरी पड़ी है। विराट कोहली (Virat Kohli Captain Indian Cricket Team) इन सब का नेतृत्व करते हैं। जाहिर है बतौर कप्तान आगे आकर नेतृत्व करना उनकी जिम्मेदारी है।”

    हार की कगार पर थी टीम इंडिया और….

    बीते मंगलवार खेले गए पहले वनडे मैच में 66 रनों से भारत ने जीत हासिल की थी। भारत की इस जीत पर दिनेश कार्तिक ने कहा कि यह मेजबान टीम की तरफ से बेहतरीन खेल का फल है जो कि हाथ से निकल जाने के बाद भी टीम ने जीत हासिल की। 

    गौरतलब है कि भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 317 रन बनाए थे और इंग्लैंड को जीत के लिए 318 रनों का लक्ष्य दिया था। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत विस्फोटक और शानदार थी। इंग्लैंड की टीम ने सिर्फ 15 ओवर में बिना कोई विकेट खोए 135 रन बना लिए थे। लेकिन, इसके बाद भारतीय टीम के घातक गेंदबाजों की गेंदों का कहर बरपा और टीम इंडिया ने इंग्लैंड के जबड़े से जीत छीन ली। टीम इंडिया के खतरनाक गेंदबाजों ने 120 रनों के अंदर इंग्लैंड के 10 विकेट साफ कर दिया थे।

    बोले तो, जो कोहली ने बोला, वो किया

    दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) ने कहा, “अगर आप याद करें तो विराट कोहली (Virat Kohli) ने कहा था कि वह चाहते हैं कि कोशिश करें और पहले मैच में जीत हासिल करें। वह नहीं चाहते कि सीरीज (India vs England ODI Series 2021) में हर बार टीम को लड़कर वापसी करना पड़े। और उन्होंने (Virat Kohli) ठीक वैसा ही किया। मुझे लगता है कि यह टीम का कॉन्फिडेंस दर्शाता है कि टीम किसी भी परिस्थिति से जीत हासिल कर सकती है। अगर आप 135 रन पर बिना किसी विकेट के बाद अगले 116 रनों में पूरी टीम को आउट कर देते हैं तो जाहिर है इसके लिए ऐसी ही बेहद शानदार कोशिश की जरूरत होती है। 10 में से 9 विकेट तेज गेंदबाजों (Fast Bowlers) ने चटकाए, जिसका मतलब है साफ है कि उन्होंने कुछ तो सही किया होगा। इंग्लैंड को मिडल ओवर्स (Middle Overs) में ज्यादा विकेट नहीं मिल सका और भारत मैच लेकर निकल गया।”

    यानी, एक बात साफ है कि टीम इंडिया के कप्तान में जितना जोश और जुनून है, टीम के और खिलाड़ियों के खून में भी जीत का जोश भरा हुआ है। फर्क सिर्फ इतना है कि, किसी का जोश चेहरे से छलक जाता है, तो किसी का उसके खेल में नजर आता है।