Varsha Gaikwad

    महाराष्ट्र (Maharashtra Board exams) की शालेय शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ (Varsha Gaikwad) ने राज्य की 10वीं व 12वीं की परीक्षा ‘आफ लाइन’ (Offline Exam) लेने की घोषणा कर स्थिति स्पष्ट कर दी. अब उम्मीद है कि इस फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा. गत वर्ष कोरोना का कहर जारी रहते 10वीं परीक्षा का अंतिम भूगोल का पेपर रद्द करने का निर्णय लेते समय शालेय शिक्षा मंत्री पर परिस्थितियों का दबाव था. अब भी उसी प्रकार की स्थित उत्पन्न हुई है.

    राज्य में कोरोना (Coronavirus) की दूसरी लहर आई हुई है. ऐसी हालत में विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण 10वीं और 12वीं SC (class 10) and HSC (class 12)की परीक्षा पर पुन: प्रश्न चिन्ह लगता नजर आ रहा है. ऐसे समय शिक्षा मंत्री गायकवाड़ ने दृढ़ता से तर्कसंपन्न निर्णय लिया है. महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य मं 15 से 17 लाख विद्यार्थी प्रति वर्ष 10वीं और 12वीं की परीक्षा देते हैं. इन परीक्षाओं को आयोजित करने वाले महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल के सामने गत 3 वर्ष से कारोना की चुनौती बनी हुई है. इसके बावजूद किसी भी स्थिति में परीक्षा आनलाइन लेने पर नया विवाद उत्पन्न हो जाता है. उससे परीक्षा प्रणाली की प्राथमिकता संदेह के घेरे में आ जाती. इसलिए शिक्षा मंत्री ने आफलाइन परीक्षा का निर्णय लिया.

    इतना अवश्य है कि जब सेंटर पर परीक्षा देगी तो छात्रों को मास्क पहनकर रहना होगा. उन्हें एक दूसरे से दूर बिठाकर (एक बेंच पर एक छात्र) परीक्षा लेनी होगी. जिस स्कूल में पढ़े हैं वहीं सेंटर रहेगा. स्टैडर्ड आपारिंग प्रोसीजर (एस ओ पी) का पालन करते हुए परीक्षा ली जा सकती है. छात्रों को पर्चा हल करने के लिए आधा घंटा और समय देना उचित निर्णय है. यह शैक्षणिक वर्ष विद्यार्थियों के लिए अत्यंत असामान्य रहा और उन्हें काफी तनाव झेलना पड़ा. इसलिए आधा घंटा ज्यादा समय मिलने से उनका तना कम होने में मदद मिलेगी. अब छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर परीक्षा की तैयारी में जुट जाना चाहिए.