Farmers upset over purchase of cattle, bulls difficult to get

गड़चिरोली. मुसलाधार बारिश में स्वयं का बचाव करने के हेतु पेड़ के नीचे खड़े मवेशियों के झुंड पर गाज गिरने से 11 मवेशी की मृत्यु हो गई. घटना धानोरा तहसील के पेंढ़री परिसर के  झाड़ापापड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले रुपीनगट्टा गांव में घटी. इसमें 6 गाय, 4 बछड़े व 1 बैल का समावेश है. मवेशियों के मृत्यु के चलते पशुपालकों का  नुकसान हुआ है. जिससे खरीफ मौसम में प्रकृति के प्रकोप ने पशुपालकों के समक्ष बड़ा संकट निर्माण किया है. 

महुआ वृक्ष के नीचे खड़ा था झुंड
बीते कुछ दिनों से जिले के कुछ जगह बिजली की गरज के साथ मुसलाधार बारिश हुई.  परिसर अंतर्गत आने वाले झाड़ापापड़ा ग्रापं अंतर्गत आने वाले रूपीनगट्टा में भी बिजली के गरज के साथ वर्षा हुई थी. बारिश के चलते गांव समीपस्य परिसर में चराई कर रहे मवेशी बारिश से बचने हेतु गांव परिसर में घने पीपल व उसे सटे महुआ वृक्ष के नीचे जमा हो गए. इस बीच अचानक गरज के साथ पेड़ पर बिजली गिरी. जिससे पेड़ के नीचे मवेशियों के झुंड में से 11 मवेशियों की मृत्यु हुई. 

तत्काल मुआवजा देने की मांग
खरीफ मौसम शुरुआत हई है. ऐसे में अस्मानी आफत ने किसानों का व्यापक नुकसान किया है. कृषिकार्य में महत्वपूर्ण मवेशी मृत होने से किसानों के समक्ष कृषिकार्य कैसे करें, यह प्रश्न उपस्थित हो रहा है. इस दौरान पुशधन विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा किया. इस समय पटवारी एस. एम. काटेंगे, पशु प्रतिबंधक डी. एन. रामटेके, प्रतिबंधक परिचर टी. एस. गडपायले आदि उपस्थित थे.  किसानों के समक्ष गंभीर संकट निर्माण हुआ है. जिससे परिस्थिति की गंभिरता को भांपते हुए प्रशासन नुकसानग्रस्त किसानों को तत्काल मुआवजा दे.