टैक्सी शुरू करने की अनुमति दें, पूर्व ZP सदस्य चंदेल ने की मांग

गड़चिरोली. कोरोना संक्रमण से पिछले 3 माह से लॉकडाउन शुरू है. लॉकडाउन से सभी व्यवहार बंद था. इसमें काली-पीली के यात्रा यातायात का समावेश है. जिससे इस व्यवसाय पर निर्भर रहने वाले टैक्सी चालक, मालिक, वाहनों पर भुखमरी की नौबत आन पड़ी है. सरकार ने धीरे-धीरे लॉकडाउन में शिथिलता दी है. किंतु अभी तक यात्रा यातायात को अनुमति नहीं दी गई है. जिससे सरकार, प्रशासन ने जिले के काली-पीली यात्रा यातायात को अनुमति दे. यह मांग पूर्व जिप सदस्य सुरेंद्रसिंह चंदेल व शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी को दिए हुए ज्ञापन से किया है.

चालकों पर भुखमरी की नौबत
कोरोना संक्रमण से देश में गत 3 माह से लॉकडाउन शुरू है. लॉकडाउन से सभी व्यवसाय, शाला, महाविद्यालय, यात्रा यातायात बंद है. किंतु धीरे-धीरे सरकार ने लॉकडाउन को शिथिल किया है. किराना समेत छोटे, बड़े व्यवसाय को कुछ शर्त पर शुरू करने की अनुमति दी है. किंतु पिछले 3 माह से जिले के काली-पीली टैक्सी यात्रा बंद है. जिससे इस व्यवसाय पर निर्भिर रहने वाले मालिक, चालकों पर भुखमरी की नौबत आन पड़ी है. 

उधार लेकर कर रहे गुजारा
टैक्सी चालक, मालिक, का परिवार टैक्सी से मिलने वाले किराए से जीवनयापन कर रहे थे. किंतु लॉकडाउन के चलते उनके आय पर असर हुआ है. उन्हें उधार लेकर दो समय के अनाज की सुविधा करनी पड़ रही है. किंतु ऐसा कब तक चलेगा. जिससे टैक्सी चालकों की परेशानी ध्यान में रखकर जिले के बारा तहसील की काली-पीली टैक्सी शुरू करने की मांग पूर्व जिप सदस्य सुरेंद्रसिंह चंदेल के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी को दिए हुए ज्ञापन से की है. इस समय जिलाधिकारी ने जल्द ही काली-पीली टैक्सी कुछ नियमों पर शुरू करने संदर्भ में आश्वासन दिया. ज्ञापन सौंपते समय पूर्व जिप सदस्य सुरेंद्रसिंह चंदेल, काली-पीली टैक्सी संगठन गड़चिरोली के अध्यक्ष रोषण नंदनवार, कुरखेड़ा के शामा धोटे, सुनील नेवारे, नासीर शेख, संचित पंडित, शंकर ठाकरे, तुलशीदास गजभिये, गजू ठाकरे, सुधीर धकाते, रमेश ठेंगरी व काली-पीली टैक्सी चालक उपस्थित थे.