आदिवासियों का होगा सर्वांगीण विकास : शिंदे

    • – खावटी अनुदान योजना का शुभारंभ
    • – अहेरी, भामरागड़ प्रकल्प क्षेत्र में अनुदान वितरित 

    गड़चिरोली. आदिवासी विकास विभाग ने गड़चिरोली जिले के आदिवासी समाज को दिए जानेवाला खावटी अनुदान योजना यह आदिवासियों को विकास के मुख्य प्रवाह में लाने हेतु उठाया गया एक सकारात्मक कदम है. इससे आदिवासियों का सर्वांगीण विकास होगा. यह बात राज्य के नगर विकास मंत्री तथा गड़चिरोली जिले के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने कही.

    एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प अंतर्गत खावटी योजना का ऑनलाइन उद्घाटन 12 जुलाई को आदिवासी विकास मंत्री के. सी पाडवी तथा पालकमंत्री एकनाथ शिंदे के उपस्थित संपन्न हुआ. कोरोना का प्रकोप बढ़ने से विश्वभर में सभी को लॉकडाउन का पालन करना पड़ा. इसका फटका अन्य सभी घटकों के भांती आदिवासी समाज को भी लगा.

    इस कठीन समय में राज्य के आदिवासी बांधवों को राहत दिने के लिए वर्ष 2013 में बंद की गई खावटी कर्ज योजना अनुदान स्वरूप में शुरू करने का निर्णय  महाविकास आघाड़ी सरकार ने लिया है. जिसके तहत एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प अंतर्गत जिले के अहेरी व भामरागड़ इन 2 प्रकल्प क्षेत्र के लाभार्थियों को आज अनुदान का वितरण किया गया.

    इस कार्यक्रम में राज्यमंत्री प्राजक्ता तनपुरे, जिप अध्यक्ष अजय कंकडालवार, विधायक रामदास आंबटकर, विधायक  धर्मरावबाबा आत्राम, आदिवासी विभाग के प्रधान सचिव अनुपकुमार यादव, नागपूर के विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवांगरे-वर्मा, प्रबंधकीय संचालक नितिन पाटिल, प्रकल्प अधिकारी भामरागड़ शुभम गुप्ता, प्रकल्प अधिकारी अहेरी अंकित, अति. जिलाधिकारी सोनाप्पा यमगर व विशेष कार्य अधिकारी सुनिल भजनावले उपस्थित थे. कार्यक्रम की प्रस्तावना संचालक नितिन पाटील, प्रकल्प अधिकारी भामरागड़ शुभम गुप्ता व प्रकल्प अधिकारी अहेरी अंकित ने की. 

    किट वितरण का सम्मान महिला कर्मी को 

    कार्यक्रम में आदिवासी विकास मंत्री के. सी. पाडवी ने प्रातिनिधिक 2 लाभार्थियों के नाम लेकर पालकमंत्री के अनुमति से खावटी योजना के अनाज किट का वितरण कर कार्यक्रम को शुरूआत की. खासकर मंत्री महोदय के सूचना के अनुसार किट वितरण करने का सम्मान प्रकल्प कार्यालय के श्रेणी 4 के महिला कर्मचारियों को दिया गया. 

    जिला मुख्य प्रवाह में आने पर नक्सलमुक्त

    राज्य के आदिवासी विकास मंत्री के. सी. पाडवी के प्रयास से मिले इस अनुदान का जिले के आदिवासी बांधवों को निश्चित लाभ मिलेगा. अच्छी  सड़कें, पानी, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, यातायात सुविधा तथा रोजगार के आवश्यक मौके उपलब्ध कराने पर जिले का निश्चित ही कायाकल्प होगा. ऐसा विश्वास मंत्री शिंदे ने व्यक्त किया. जिला विकास के प्रक्रिया में अनेक दिक्कतें हैं. किंतु इन मुश्किलों को दूर कर गड़चिरोली जिले का विकास यहीं उद्देश्य रहनेवाला है. यह जिला अन्य जिलों की तरह विकास के मुख्य प्रवाह में लाने पर वह निश्चित ही नक्सलमुक्त हो सकता है. ऐसा बात भी पालकमंत्री ने कही. 

    आदिवासी विकास विभाग की निधि होगा उपयोगी

    भविष्य में गड़चिरोली जिले के धान फसलों का संरक्षण करने के लिए कायम स्वरूप में गोडाउन निर्माण करना तथा जिले के बिजली किल्लत का प्रश्न हन करने के लिए आदिवासी विकास विभाग ने आवश्यक निधि देने पर इस जिले की स्थिती बदलने के दृष्टि से  वह निश्चित ही उपयोगी साबित होगा, ऐसा विश्वास भी पालकमंत्री शिंदे ने व्यक्त किया. 

    आदिवासियों का जीवनस्तर ऊंचा उठाने कटिबद्ध : पाडवी

    गड़चिरोली जिला यह आदिवासी बहुल, दुर्गम व नक्सलग्रस्त जिला होकर जिले के उन्नती के प्रवाह व खसकर आदिवासी समाज का जीवनस्तर ऊंचा उठाने के लिए सरकार का निधि कम नहीं होने देंगे, ऐसा आश्वासन आदिवासी विकास मंत्री के. सी. पाडवी ने इस दौरान दिया. जिले के सर्वांगीण विकास हेतु सरकार कटिबद्ध व प्रयासरत होने का कथन मंत्री पाडवी ने किया.