‘उमेद’ के महिलाओं ने दी जिलाधीश कार्यालय पर ‘विराट’ दस्तक

  • सडक पर उतरा हजारों महिलाओं का मूकमोर्चा

गडचिरोली. सरकार ने ‘उमेद’ अभियान बंद कर निजी संस्था की ओर सौंपने का निर्णय लिया है। इसरकार के इस निर्णय के कारण उमेद से जुडे जिले के हजारों महिलाओं में रोष निर्माण हुआ है। सरकार के इस निर्णय का विरोध करने के लिए जिले में उमेद के हजारों महिलाओं ने आज 12 अक्टूबर जिलाधीश  कार्यालय पर मुकमोर्चा निकालकर दस्तक दी।

सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक विकास को गति देनेवाला ‘उमेद’ अब निजी बाह्य संस्था की ओर हस्तांतरीत करने के हलचले शुरू किए है। जिससे संपूर्ण राज्य के साथ जिले के हजारों महिलाओं का जीवनयापन का मार्ग कठीन होगा। महिलाओं को मार्गदर्शन करनेवाला यह अभियान निरंतर शुरू रहे, बाह्य संस्था का हस्तक्षेप न हो इसके साथ विभिन्न मांगों को लेकर उमेद अंतर्गत कार्यरत जिले की हजारों महिलाओं ने मूक मोर्चे में शामिल हुई। स्थानीय इंदिरा गांधी चौक से आज दोपहर 12 बजे के दौरान मोर्चे का शुरूआत हुई। वंचित बहुजन आघाडी के जिला प्रभारी बालू टेंभूर्णे, आयटक के देवराव चवले, डा. महेश कोपुलवार, माला भजगवली, जी. के. बारसिंगे, विनय बांबोले, प्रशांत कस्तुरे, योगेंद्र बांगे, चांगदेव मसराम आदि के नेतृत्व में हजारों महिलाओं ने जिलाधीश कार्यालय पर दस्तक दी।

इस दौरान बाह्य संस्था को कर्मचारी नियुक्तिके आदेश न दे, उमेद अभियान अंतर्गत महिला स्वयंसहाय्यता समूह, ग्रामसंघ, प्रभाग संघ को दिए जानेवाले निधि, समुदाय विनियोग निधि आदि की मांग का निवेदन जिप सीईओ के माध्यम से मुख्यमंत्री कोभेजा है।

पुलिस का तगडा बंदोबस्त

मोर्चा के दौरान जिले के कोने कोने से जुडे महिलाओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्थानीय इंदिरा गांधी चौक से चंद्रपुर मार्ग पर के कॉम्पलेक्स परिसर तक कडा बंदोबस्त रखा गया था। महिलाओं की लंबी से लंबी कतार को देखते हुए यातायात विभाग के साथ ही स्थानीय पुलिस थाने के महिलाओं ने कडा बंदोबस्त रखा था। 

ठप पडा यातायात 

जिले के विभिन्न क्षेत्र से उमेद के हजारों महिलाएं सडक पर उतरी।  मुख्य चौक से लेकर कॉम्प्लेक्स तक महिलाओं की लंबी  कतार दिखाई दे रही थी। हजारों की संख्या में होनेवाले महिलाओं के कारण कुछ समय के लिए गडचिरोली चंद्रपुर इस मुख्य मार्ग पर का यातायात ठप पड गया।