Representational Pic
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    • -जिले के 95,788  छात्र
    • -5,88,127 किताबों की जरूरत

    गोंदिया. शिक्षा की सख्ती के साथ अधिकार अंतर्गत शासन के माध्यम से पहली से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ‍्य पुस्तकों  का वितरण किया जाता है. इसके अनुसार इस बार सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले के 95 हजार 788 विद्यार्थियों के लिए 5 लाख 88 हजार 127 किताबों की मांग की गई थी. वहीं  कोरोना का दूसरा चरण नियंत्रण में आने से शाला का सत्र शुरू हो गया है. इसमें पुन: आनलाइन शिक्षा की शुरूआत हो गई है. लेकिन आश्चर्य का विषय यह है कि अब तक विद्यार्थियों को  किताबें नहीं मिली, जिससे  विद्यार्थी अध्ययन कैसे करें, यह सवाल खड़ा हो गया है. 

    आनलाइन शिक्षा में आ रही बाधाएं

    पूर्व ही विद्यार्थियों को आनलाइन शिक्षा से अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उसमें भी अनेक विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन नहीं होने से वे शिक्षा से वंचित हैं. वहीं कुछ स्थानों पर नेटवर्क की समस्या होने से वे भी शिक्षा बराबर नहीं ले पा रहे हैं. इसी में अब जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल व नेटवर्क है उनकी किताबें  नही मिलने  से समस्या निर्माण हो रही है. विद्यार्थियों के हाथ में किताबों के आने पर ही सही अर्थों में शाला शुरू होने का अनुभव होगा. पिछले माह भर से शाला शुरू है. जबकि किताबों के बिना विद्यार्थियों का अध्ययन शुरू है. 

    10 प्रश विद्यार्थियों ने लौटाई किताबें

    पूर्व में विद्यार्थियों के उपयोग की किताबें छोटे भाईयों के काम में आ जाती थी या जरूरतमंदों को दी जाती थी. यह प्रक्रिया अब बदल गई है. अब हर वर्ष विद्यार्थियों को नई किताबें देनी पडती है. इसमें बडे पैमाने पर खर्च होता है. इस बात को ध्यान में रखकर शिक्षा मंडल ने इस बार से विद्यार्थियों को किताबें वापस लौटाने कहा है. इसमें जिले के केवल 10 प्रश विद्यार्थियों ने किताबें लौटाई है. 

    विद्यार्थियों को पुस्तकों की प्रतीक्षा

    इस संबंध में छात्रा कणिका रहिले के अनुसार  आनलाइन पाठ‍्यक्रम शुरू हो गया है लेकिन  अब तक किताबें नहीं मिली हैं. ऐसे में  अध्ययन कैसे करें? किताबें हाथ में आने के बाद ही हमें उसमें से कुछ समझेगा. जिससे हम किताबों की प्रतीक्षा कर हरे है. इसी तरह अर्जुनी मोरगांव के छात्र अंश भेंडारकर का कहना है कि कोरोना से इस बार भी आनलाइन कक्षा शुरू हो गई. जबकि अध्ययन के लिए हमें किताबों की जरूरत है, वह हमें अब तक नही मिली है. ऐसे में हम आनलाइन कक्षा में रहकर अध्ययन कैसे करे और किताबों की प्रतीक्षा की जा रही है. 

    नहीं होगा शैक्षणिक नुकसान : हिवारे

    इस संदर्भ में शिक्षाधिकारी राजकुमार हिवारे के अनुसार सत्र के अंत में विद्यार्थियों से उनकी किताबें वापस ली थी, उनका वितरण विद्यार्थियों में किया गया है. फिलहाल ब्रिज कोर्स शुरू है, जिन विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिली है उनके शैक्षणिक अध्ययन का नुकसान नहीं होगा.