बारिश के लिए तरस रहे जलाशय, लघु प्रकल्पों में सिर्फ 15.07 प्रतिशत जल संग्रह

    गोंदिया. जुलाई महीना आधा खत्म हो गया है लेकिन अब तक पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण जिले के मध्यम प्रकल्पों में बोदलकसा, चोरखमारा, चुलबंद, खैरबंदा, मानागढ, रेंगेपार, संग्रामपुर, कटंगी व कलपाथरी जलाशय पानी के अभाव में सूखे पड़े हैं.

    इस संदर्भ में सिंचाई विभाग के अनुसार लघु प्रकल्प में आकीटोला प्रकल्प में सिर्फ 0.59 प्रश. ही जल शेष है. भदभद‍्या जलाशय में 0.774 प्रश., डोंगरगांव जलाशय में 0.188, गुमडोह में 0.172, हरी जलाशय में 0.83, कालीमाटी में 0.17, मोगर्रा में 0.603 प्रश., पिपरिया में 0.98 प्रश., रेहाडी में 0.78 प्रश., सोनेगांव में 0.14 प्रश., शेडेपार में 0.10 प्रश., वडेगांव में 0. 23 प्रश. इस तरह जिले के 20 लघु प्रकल्पों में सिर्फ 15.07 प्रश. जल शेष बचा हुआ है.

    जबकि गत वर्ष इन जलाशयों में इसी कालावधि में 22.98 प्रश. जल संग्रहित था. यदि इसी तरह स्थिति बनी रही तो जल्द ही लघु प्रकल्पों में शून्य प्रश. जल हो जाएगा. उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जिले के जलाशयों की स्थिति को देखते हुए खरीफ फसल को इन प्रकल्पों से सिंचाई नहीं की जा सकती. इस तरह की दयनीय स्थिति इन प्रकल्पों की हो गई है. 

    धान रोपाई का काम रुका पड़ा

    जिले में पर्याप्त बारिश के अभाव में धान की रोपाई का काम थम गया है. केवल वे ही किसान इस समय रोपाई का कार्य कर रहे हैं जिनके पास पानी का साधन है. इसी तरह जिले में 9 मध्यम प्रकल्पों का निर्माण किया गया है जिनमें बोदलकसा, चोरखमारा, चुलबंद, खैरबंदा, मानागढ, रेंगेपार, संग्रामपुर, कटंगी व कलपाथरी का समावेश है. जो पानी के अभाव में सूखे पडे है. सिंचाई विभाग के अनुसार इन जलाशयों में 19.90 प्रश. जल शेष बचा हुआ है. जबकि गत वर्ष इसी कालावधि में 24.47 प्रश. जल संग्रहित था.