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  • तहसील की ९ स्कूलों में नहीं बजी घंटी

गोरेगांव. राज्य में कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद शासन ने २३ नवंबर से ९ वीं से १२वीं कक्षा तक की स्कूलें शुरू करने का फैसला ८ महीने बाद लिया गया, किंतु कोरोना से बचने शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थियों के लिए सभी सुविधा का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया. किंतु तहसील की ९ स्कूलें ऐसी है जो नियमों का पालन करने में असमर्थ साबित हुई और ९ स्कूलों की घंटी बजी ही नहीं.

इसके लिए कोरोना की जांच व विद्यार्थियों की सुविधा नहीं होने का बहाना बताया गया. असल में कोरोना के नाम पर शिक्षा का कार्य बंद रखने की साजिश का पर्दाफाश करने की जरूरत शिक्षा विभाग को है ऐसा मत पालकों ने व्यक्त किया है.

स्कूलों में कोरोना से निपटने तैयारी जरूरी

कोरोना के प्रकोप से विद्यार्थियों को बचाने शिक्षा विभाग ने उचित निर्णय समझकर स्कूलें बंद करवाई थी. इसे अब ८ महीने हो चुके हैं. राज्य में कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद शिक्षा विभाग ने २3 नवंबर से स्कूलें चालू करने का फैसला लिया. इसके पूर्व सभी गुरुजनों व कर्मियों को अपनी जांच व स्कूलों में सभी सुविधा पर्याप्त मात्रा में करने का आदेश दिया गया. शासन द्वारा सभी कर्मियों को कोरोना की जांच अनेक सेंटरों पर मुफ्त में कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी और स्कूलों को स्वच्छ और सैनिटाइजर कराने स्थानीय प्रशासन को बताया गया था. ताकी कोरोना विषाणु से विद्यार्थी व गुरुजन बचे रहे. विद्यार्थियों की शिक्षा पूरी हो सके, किंतु यह सुविधा पूरी करने में गोरेगांव तहसील के ९ स्कूलें अक्षम रही.

इन स्कूलों का है समावेश

इसमें तहसील की नेसन्स मदर स्कूल, मॉडल हाईस्कूल, आदिलोक हाईस्कूल, किरसान मिशन स्कूल, किरसान इंटरनेशनल स्कूल गणखैरा, नवप्रतीभा हाईस्कूल दवड़ीपार, लोकमान्य तिलक हाईस्कूल मुंडीपार, संजय गांधी हाईस्कूल तेढा, एम.बी. पटेल हाईस्कूल चिचगांव शामिल है. तहसील में ३३ स्कूलें हैं. जिनमें २७५ शिक्षक, ९८  कर्मचारी है. इनमें से १९७  शिक्षक, ४२ कर्मचारी आरटीपीसीआर जांच कर चुके हैं. इसमें से ६ शिक्षक, १ कर्मचारी पॉजिटिव मिला है. तहसील के 33 स्कूलों में ५,७६५ विद्यार्थी अध्ययनरत है. पहले दिन स्कूलों में आने वाले विद्यार्थी १५६६ है. तहसील के २४ स्कूलों में कोरोना से लड़ने की सुविधा की जा चुकी है. स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू कर दिया गया है. २७ प्रश पालकों ने इसकी अनुमति भी दी है. अब देखना यह है कि बंद स्कूलें खुलेगी या नहीं. 

स्वास्थ केंद्र में कोरोना जांच की सुविधा

शासन के आदेशानुसार कोरोना की जांच और विद्यार्थियों की सुविधा करना जरूरी है. बीआरसी गोरेगांव के प्रभारी गट शिक्षाधिकारी एस.बी. खोब्रागडे, सुनील ठाकुर व  सभी साधन व्यक्ति द्वारा कोरोना के सभी नियमों का पालन कर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाना जरूरी है. इसके लिए सभी विद्यार्थी, पालक, शिक्षा कर्मी प्रयासरत रहे. ऐसा आव्हान किया गया है. कोरोना की आरटीपीसीआर जांच करने की सुविधा ग्रामीण स्वास्थ केंद्र गोरेगांव में कराई गई है. ऐसा भी संदेश साधन व्यक्ति सुनील ठाकुर की ओर से दिया गया है. सभी कर्मचारी अपनी जांच करके ही स्कूल में जाए यह सख्ती शिक्षा विभाग की ओर से की गई है.