उल्लंघन: यातायात विभाग ने 2021 में की 13, 200 दंडात्मक कार्रवाइयां

    • नियम तोड़ने वालों पर 1. 28 लाख बकाया
    • 525 दोषियों ने नहीं भरा जुर्माना

    गोंदिया. यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है. नियम तोडने पर उसका परिणाम भी भुगतना पड़ता है. लेकिन कभी-कभी दोषी व्यक्ति की सजा निर्दोष व्यक्ति को भुगतनी पड़ती है. अधिकांश दुर्घटनाओं में दोषी व्यक्तियों की गलती से निर्दोष व्यक्तियों को ही दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ता है ऐसा देखने मिलता है.

    यातायात नियमों को तोडऩे वालों पर यातायात विभाग को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है. जिसके कारण यातायात विभाग द्वारा यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है. जिसमें अधिकांश मामलों में दंडात्मक कार्रवाई करने का समावेश होता है.

    जिले में यातायात विभाग ने सन 2021 में 13 हजार 200 दंडात्मक कार्रवाई की है. जिसमें 12 हजार 675 कार्रवाई में 27 लाख 56 हजार 050 रु. का दंड वसूला गया है. वहीं 525 कार्रवाई में 1 लाख 28 हजार 100 रु. का दंड अभी भी बकाया है.

    बिना लायसेंस के चलने वालों पर सर्वाधिक कार्रवाई

    फिलहाल शहर के विद्यार्थियों की सुबह से ही ट्यूशन क्लासेस शुरू हो जाती है. जिससे वे दिन भर दौड़ धूप करते नजर आते है. इस भाग दौड़ को देखते हुए विद्यार्थियों के अभिभावक उनकी सुविधा के लिए उन्हें वाहन खरीदकर देते है. लेकिन अभिभावक उनके लायसेंस पर ध्यान नहीं दे पाते है. लायसेंस नहीं रहने पर यातायात विभाग द्वारा लगभग 100 रु. का दंड ठोंका जाता है.

    लायसेंस निकालने के चक्कर में जाने से अच्छा है कि 100 रु. भर दिए जाए ऐसी सोच शहर के अनेग लोगों ने पाल रखी है. जिसके कारण वे लायसेंस नहीं निकालते. यातायात विभाग के अनुसार किसी वाहन चालक पर दंड ठोंका जाता है  तो उसे दंड नियमानुसार भरना पड़ेगा अगर वह दंड भरने में कई दिन लगाता है तो उस पर ब्याज भी ठोंका नहीं जा सकता.

    दंड किया हुआ व्यक्ति अगर पैसे नहीं भरता है तो उसकी दंड की रकम को बढ़ाया नहीं जा सकता है. जिसके कारण अनेक लोगों पर अभी भी दंड बकाया है. दंड नहीं भरने वाला व्यक्ति अगर दूसरी बार यातायात पुलिस के हाथ लगा तो उसकी जानकारी मशीन द्वारा उपलब्ध हो जाती है व उसका वाहन जब्त किया जाता है. दंड भरने पर ही उसका वाहन दिया जाता है.