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नयी दिल्ली.  सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ (FaceBook) ने पहली बार अपने मंच पर मौजूद नफरत भरे भाषणों का खुलासा करते हुए कहा कि उस पर डाली गई सामग्री में से तीसरी तिमाही में करीब 10,000 सामग्री के विश्लेषण में 10 से 11 नफरत भरे भाषण थे। दुनिया भर में रोजाना 182 करोड़ लोग फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं।

भारत इसका सबसे बड़ा बाजार है, जहां हाल ही में नफरत भरे भाषणों से निपटने के इसके तरीकों को लेकर काफी विवाद खड़ा हो गया था। सितम्बर 2020 तिमाही की अपनी ‘कम्युनिटी स्टैंडर्ड इन्फोर्समेंट रिपोर्ट’ में फेसबुक ने कहा कि ‘‘वह पहली बार” दुनिया भर में उसके मंच पर मौजूद नफरत भरे भाषणों की जानकारी साझा कर रहा है।

उसने कहा, ‘‘ 2020 की तीसरी तिमाही में 0.10 या 0.11 प्रतिशत नफरत भरे भाषण थे, कहा जा सकता है कि करीब 10,000 सामग्री के विश्लेषण में 10 से 11 प्रतिशत नफरत भरे भाषण थे।” फेसबुक ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अपने निवेश के कारण, कम्पनी नफरत भरे भाषण हटाने में अधिक सक्षम हुई है और उपयोगकर्ताओं द्वारा इसकी रिपोर्ट करने से पहले इसे हटाया गया है। उसने कहा कि इंस्टाग्राम पर, कम्पनी ने 65 लाख, नफरत भरे भाषणों से जुड़ी सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की गई। फेसबुक के उपाध्यक्ष गाय रोसेन ने कहा कि कम्पनी अतिरिक्त नीतियों को शामिल करने के लिए अपनी ‘कम्युनिटी स्टैंडर्ड’ वेबसाइट को भी अद्यतन कर रही है ।