100-rupees

नयी दिल्ली. अगर आपके पास ज्यादा संख्या में 100 रुपये (100 Ruppes) के पुराने नोट हैं, तो तैयार रहिए। क्योंकि मिली जानकारी के अनुसार आने वाले मार्च या अप्रैल में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 100 रुपये के पुराने नोटों को अब वापस लेने की योजनातैयार कर रहा  है। यही नहीं फिलहाल जो 10 (10Rupees) और 5 रुपये (5 Rupees) की पुरानी करेंसी बाजार में है, उसे भी अब RBI वापस लेने वाला है। गौरतलब है कि यह नोटबंदी नहीं है, क्योंकि 100 और 10 रुपये के नए नोट तो काफी समय पहले ही बाजार में आ चुके थे। अब योजनानुसार RBI धीरे-धीरे  मार्केट से पुराने नोटों को इकट्ठा कर वापस लेना शुरू करेगा। हालाँकि इसके बदले में नए नोट भी मार्केट में आयेंगे।

इस मुद्दे पर RBI के सहायक महाप्रबंधक (Assistant General Manager) बी महेश का कहना था कि100 रुपये, 10 रुपये और 5 रुपये के पुराने नोट जल्द ही अब चलन से बाहर होने वाले हैं  क्योंकि RBI की योजना के तहत इन्हें मार्च-अप्रैल से वापस लेने है। अब जितने पुराने नोट वापस होंगे उतने ही नए नोट मार्केट में फिर से लाए जाएंगे।

10 Rs के सिक्कों की चिंता:

इसके साथ ही उन्होंने उन्होंने 10 रुपये के सिक्कों पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। बी महेश का कहना था कि10 रुपये के सिक्कों को मार्केट में आये और शुरु हुए 15 साल हो गए हैं। लेकिन इसके बाद भी आज तक छोटे से लेकर बड़े व्यापारी तक उसे स्वीकार करने में हिचकिचाते हैं, जो बैंकों और यहाँ तक RBI के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। उनका कहना था कि धीरे-धीरे बैंकों में बड़ी संख्या में 10 रुपये के बहुत से सिक्के जमा होते जा रहे हैं, जो अब एक बोझ की तरह ही हैं। वहीं इन  सिक्कों पर फैलाई जा रही अफवाह पर भी RBI चिंतित है। 

चलते रहेंगे नए नोट:

इधर बी महेश (B Mahesh ) ने यह भी बताया कि RBI ने बीते वर्ष 2019 में ही 100 रुपये के नए नोट जारी कर दिए थे, जो लैवेंडर कलर में हैं। इसके अलावा उसके पिछले हिस्से में रानी की वाव का चित्र भी अंकित है, जो गुजरात के पाटन में सरस्वती नदी के तट पर स्थित है। उन्होंने बताया कि 2019 में जारी 100 रुपये के नोट अब भी कानूनी निविदा के रूप में जारी रहेंगे। उनको वापस नहीं लिया जाना है । सिर्फ वही 100 रुपये के नोट बाजार में बंद होंगे, जो अब पुराने हो चुके हैं।

साल 2016 की नोटबंदी: 

गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को PM नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में नोटबंदी का की थी। इसके तहत 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट पूरी तरह से बंद कर उसकी जगह  2000, 500 और 200 रुपये के नए नोटों को जारी कर दिया गया था। जिसके चलते दो-तीन महीने तक जनता को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। वहीं 2019 में दाखिल एक RTI के जवाब में रिजर्व बैंक ने बताया था कि उनकी ओर से उच्च मूल्य वाले नोटों की छपाई अब पूरी तरह से रोक दी गई है। हालांकि 2000 के नोट अब भी पहले की तरह चलन में हैं।