PRAGYA-AND-MAMTA

नयी दिल्ली.  पश्चिम बंगाल (West Bengal) में बीजेपी (BJP) और TMC के बीच राजनीति का उफान अपने चरम पर है। वहीं अब बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) ने पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी (Mamta Bannerjee) को घेरते हुए कहा है कि उन्हें आगामी ‘विधानसभा चुनाव’ में हार का अहसास हो गया है इसलिए वो हताश और कुंठित हैं। उनका कहना था कि ममता जान गई हैं कि उनका शासन अब प्रदेश में ‘खत्म’ होने को  है। 

क्या कहा प्रज्ञा ने:

इसके साथ ही प्रज्ञा ठाकुर ने यह भी कहा कि बीजेपी आनेवाली विधानसभा चुनाव जीतेगी और पश्चिम बंगाल में ‘हिंदू राज’ स्थापित होगा।  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले को लेकर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपनी प्रतिक्रिया दे रही थी। उन्होंने कहा कि अगर कि अगर क्षत्रिय को क्षत्रिय कहो तो उन्हें बुरा नहीं लगता।  यही बात ब्राह्मण और वैश्य पर भी लागू होती है।  लेकिन अब शुद्र को शुद्र कहो बुरा लग जाता है।  कारण क्या है? क्योंकि वे इस व्यवस्था को समझ नहीं पाते।   

ममता सरकार का केंद्र को पत्र:

इधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत पार्टी  TMC ने भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के काफिले पर भीड़ के हमले को लेकर अधिकारियों को बाहर स्थानांतरित करने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के फैसले को ‘डराने’ वाला करार दिया। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीते शनिवार देर रात कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से एक पत्र भेजा गया है, जिसमें उक्त अधिकारियों को “ मुक्त करने के प्रति अनिच्छा” से अवगत कराया गया है। 

विजयवर्गीय ने घेरा ममता सरकार को:

वहीं अब बीजेपी नेताओं पर हो रहे हमले को लेकर अब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ममता सरकार को घेरते हुए कहा  सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में कहा कि, “पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी हम बीजेपी नेताओं पर ईंट बरसा रही हैं।  लेकिन  बीजेपी की अपनी रीति-नीति है।  हम अपनी सहिष्णुता को कभी नहीं छोड़ते।  हम ईंट का जवाब फूल से देंगे।  हमारा ‘कमल’ इस राज्य को एक नई पहचान देगा। “

गौरतलब है किबीते दिनों जेपी नड्डा दो दिन के दौरे पर पश्चिम बंगाल में गए हुए थे।  बीते गुरुवार को जब नड्डा डायमंड हार्बर की तरफ जा रहे थे, तब रास्ते में उनके काफिले पर पत्थर बरसाये गए और हमला भी किया गया।  इस दौरान जेपी नड्डा तो सुरक्षित बचे रहे, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय को चोट आई थी।