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मुंबई. जहाँ एक तरफ मोदी सरकार (Narendra Modi) और किसानों (Farmers) के मध्य पांचवे दौर की बातचीत असफल होने के चलते अब किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। इसमें जहाँ कई राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है तो कई बड़े राजनेताओं ने इस आन्दोलन पर अपनी चिंता भी जतायी है। इसी मुद्दे पर अब NCP अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा है कि अगर इसका जल्द ही समाधान न हुआ तो फिर देशभर के किसान अपने पंजाब-हरियाणा के किसानों भाइयों के साथ इस आंदोलन में शामिल हो जाएंगे। 

क्या कहा शरद पवार ने:

दरअसल किसान आन्दोलन के बढे होते हुए रूप को देखकर शरद पवार ने कहा, “पंजाब और हरियाणा के किसान, गेंहू और धान के मुख्य उत्पादक हैं और वे दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर इस विकट स्थिति का समाधान जल्द ही नहीं किया गया तो जल्द ही देशभर के सभी किसान उनके साथ इसमें शामिल हो जाएंगे। हमने तो सरकार से पहले ही गुजारिश की थी कि इस बिल को पास करने में उन्हें जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए।”

TRS का किसानों को समर्थन:

गौरतलब है कि शरद पवार के पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के अध्यक्ष के। चंद्रशेखर राव ने इस किसान आन्दोलन को अपना समर्थन दिया है। उनका कहना था कि जब तक मोदी सरकार इन विवादस्पद कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती, तब तक किसानों को यह लड़ाई जारी रखना चाहिए। इस मुद्दे पर TRS ने अपने ट्वीट में कहा कि, “केंद्र द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के संघर्ष को KCR ने समर्थन देती है।” KCR ने यह भी याद दिलाया कि TRS ने संसद में कृषि बिलों का पुरजोर विरोध किया था क्योंकि यह निश्चित रूप से किसानों के हितों को नुकसान पहुँचाने वाला हैं। KCR का यह भी मानना है कि लड़ाई को तब तक जारी रखने की जरूरत है जब तक कि इन नए विवादस्पद कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता।

कौन से दलों ने दिया है किसानों को समर्थन:

किसानों के आगामी 8 दिसंबर के भारत बंद को कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है। कांग्रेस के अलावा लेफ्ट पार्टियों, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC), लालू प्रसाद यादव की राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD), तेलंगाना राष्‍ट्र समिति (TRS), राष्‍ट्रीय लोकदल (RLD) और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी आगामी 8 दिसंबर को होने वाले ‘भारत बंद’ को अपने समर्थन दिया है।