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    नयी दिल्ली. एक बड़ी खबर के अनुसार दिल्ली से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) के लोनी में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग अब्‍दुल समद (Abdul Samad) की दाढ़ी नोचने से संबंधित मामले में अब पुलिस ने उम्‍मेद पहलवान (Ummed Pahalwaan) पर लोनी बॉर्डर थाने में एक केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की मानें तो, उम्मेद पहलवान ने अब्दुल समद को अपने साथ ही बैठाकर बीते 7 जून को फेसबुक पर लाइव विडियो किया था और इस लाइव के दौरान इस पूरी घटना को एक अलग रूप दे दिया। खबर है कि अब्‍दुल समद की पिटाई और दाढ़ी नोचने से संबंधित  घटना तो बीते 5 जून की है लेकिन इसकी FIR इसके तीसरे दिन यानी 7 जून को कराई गयी थी। गौरतलबब है कि उम्मेद पहलवान स्थानीय सपा नेता है औार अब वह फरार है।

    विदित हो कि अब्‍दुल समद की पिटाई और दाढ़ी नोचने के मामले में अब नित नए खुलासे हो रहे हैं। जहाँ पुलिस ने इस मामले में मुख्‍य आरोपी प्रवेश गुज्‍जर सहित कुछ लोगों को गिरफ्त में भी लिया है। बता दें कि बुजुर्ग से मार,पिटाई करने वाले लोगों में प्रवेश ग़ुज्जर, कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद शामिल हैँ। इधर गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad police) की मानें तो, मामला तावीज़ को लेकर कुछ विवाद का ही है। 

    दरअसल लोनी में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग अब्‍दुल समद की पिटाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उक्त आरोपियों ने बुजुर्ग से न केवल हिल हुज्जत की, बल्कि उनकी जमकर पिटाई की और दाढ़ी भी नोच ली। इस दौरान बुजुर्ग उन सभी से हाथ जोड़कर तमाम तरह से मिन्नतें करते रहे लेकिन आरोपी उन्हें उतना ही पीटते रहे। जब इतने से मन नहीं भरा तो आरोपियों ने ही इस घटना का वीडियो बनाया और फिर उसे वायरल भी कर दिया था। 

    इधर बताया जा रहा है कि इस मारपीट मामले के मुख्‍य आरोपी प्रवेश गुज्‍जर की मौसी फूलवती ने पुलिस को बताया था कि, ” अब्दुल समद तंत्र-मंत्र और ताबीज़ का काम करता था, उसके तंत्र-मंत्र के चलते पहले घर मे आग लगी, फिर प्रवेश के पिता का एक्सीडेंट भी हो गया। इसके बाद उसकी पत्नी का गर्भपात भी हो गया। जिससे प्रवेश को लगता था कि यह सब अब्दुल समद की वजह से हुआ है।” वहीं फूलवती के अनुसार, ” प्रवेश को अब्दुल समद से इंतज़ार नाम के शख्स ने मिलवाया था। इनमे पैसे का लेनदेन भी था, उन्होंने यहीं उसे 2-3 थप्पड़ मारे थे, इसके बाद इंतज़ार उसे अपने साथ ले गया, वहां जो भी हुआ हो।” 

    बता दें कि इस मामले में उत्तरप्रदेश पुलिस ने ट्विटर (Twitter) सहित कई पत्रकारों और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किये हैं। सभी पर “सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने” का भी संगीन आरोप है।