स्वास्थ्य मंत्रालय ने की महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की खिंचाई, कहा – कोरोना जांच बढ़ाएं

  • देश में 89.51 लोग कोरोना से हुए ठीक 
  • अभी तक 13,10,90,000 टीकों की आपूर्ति की गई
  • छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश बढ़ाए आरटी-पीसीआर टेस्ट  

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिसके कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।  इसी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Central Health Ministry) ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान मंत्रालय ने महाराष्ट्र (Maharashtra) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) को कोरोना टेस्ट कम करने को लेकर जमकर खिचाई करते हुए दोनों राज्यों को टेस्ट बढ़ाने को कहा है। 

देश में 89.51 लोग कोरोना से हुए ठीक  

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने कहा, “अभी तक देश में 89.51% लोग हैं जो ठीक हो चुके हैं, वहीं 1.25% लोगों की मौत हुई  और 9.24% अभी सक्रिय मामले हैं।” उन्होंने कहा, यदि हम नए मामलों को देखें, तो हम पाएंगे कि पिछले साल आए सबसे ज्यादा मामलों को हम पहले ही पार कर लिया गया है और यह लगातार बढ़ता जा रहा है। यह चिंता का कारण है।”

भूषण ने आगे कहा, “यदि आप दैनिक मौतों को देखते हैं, तो वे भी बढ़ती प्रवृत्ति दिखा रहे हैं। हालांकि, पिछले वर्ष जब कोरोना के मामले पिक पर थे तब सबसे ज्यादा 1,114 लोगों की मौत हुई थी और वर्तमान में उससे ज्यादा मामले आने पर अभी तक 879 लोगों की मौत की सूचना दी है।”

छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश बढ़ाए टेस्ट 

स्वास्थ्य सचिव ने कहा, “छत्तीसगढ़ के मामले में साप्ताहिक सकारात्मकता डेढ़ प्रतिशत से बढ़ रही है, यह 27.9% बढ़कर लगभग 28% हो गई है। इसलिए, यह चिंता का एक और कारण है।”

उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में आप पाएंगे कि औसत दैनिक मामले सप्ताह दर सप्ताह काफी बढ़ गए हैं और 57,000 से अधिक के स्तर पर पहुंच गए हैं। टेस्ट/एमएन बढ़ रहा है लेकिन एवीजी दैनिक मामलों की वृद्धि के साथ तालमेल नहीं रख रहा है। यदि आप RT-PCR परीक्षणों की हिस्सेदारी को देखते हैं, तो यह लगातार नीचे आ रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में, औसतन 89 मामलों से एक दिन में बढ़कर 10,000 मामले हो गए हैं। दैनिक आरटी-पीसीआर परीक्षण लगभग 45 से 44% हैं, इसलिए उन्हें भी रैंप पर लाने की आवश्यकता है। साप्ताहिक सकारात्मकता 5% से नीचे है, यानी 4.84% लेकिन यह एक बढ़ती प्रवृत्ति दिखा रही है।”  

10.85 करोड़ से अधिक लोगों को लगा टीका 

सचिव भूषण ने कहा, “आज सुबह 8 बजे तक, देश में 10.85 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में 40 लाख से अधिक खुराक पिलाई गई।”

अब तक हमने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 13,10,90,000 खुराकें प्रदान की हैं। एक तरफ, हमारे पास केरल जैसे राज्य हैं जहां शून्य अपव्यय (वैक्सीन का) है और दूसरी ओर, हमारे पास कई अन्य राज्य हैं जहां अभी भी 8-9% अपव्यय होता है। यदि आप अपव्यय को ध्यान में रखते हैं और खपत को देखते हैं, तो राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने 11.43 करोड़ खुराक का उपयोग किया।

राजेश भूषण, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव

मुद्दा नियोजन का है न कि आपूर्ति का 

भूषण ने राज्यों द्वारा वैक्सीन की कमी पर बोलते हुए भूषण ने कहा, “आज सुबह 11 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में उपलब्ध अनुपयोगी खुराक 1,67,20,000 से अधिक है। इस महीने – अप्रैल अंत तक – 2,01,22,960 खुराक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को प्रदान की जाएगी। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि मुद्दा बेहतर नियोजन का है न की वैक्सीन की आपूर्ति का।”

टीका लगने के बाद अस्पताल में भर्ती होने की संभावना कम 

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ.बलराम भार्गव ने कहा, “आपको यह समझना होगा कि ये टीके रोग-संशोधित टीके हैं। दोनों खुराक प्रशासित होने के बाद, एंटीबॉडी विकसित होती हैं और संक्रमण की संभावना कम होती है। गंभीर संक्रमण और मृत्यु की संभावना कम। टीकाकरण के बाद अस्पताल में भर्ती होने की संभावना में 85% की कमी।”