In Chitrakoot, NCPCR summoned a report from the district administration on 'sexual exploitation of girls'

नई दिल्ली. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण के मामले में बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की। साथ ही आयोग ने प्रशासन को इस मामले में जल्द से जल्द प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। एनसीपीसीआर की ओर से जारी बयान के मुताबिक आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने एक खबर पर संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट (चित्रकूट) से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और सभी बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।

बयान में कहा गया है, ‘‘एनसीपीसीआर ने जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर मामले की गंभीरता से जांच करने तथा जल्द से जल्द मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए निर्देशित किया है। जिले की अन्य खदानों में भी बाल अधिकार उलंघन के संभावित खतरे को देखते हुए आयोग ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देशित किया है कि जिले की सभी खदानों की भी जांच कर आयोग को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपे।”

एनसीपीसीआर ने उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आय़ोग को पत्र लिखकर स्थलीय निरीक्षण के लिए टीम भेजने का आग्रह किया गया था, जिसके बाद राज्य आयोग द्वारा तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम 10 जुलाई को निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचेगी और इसके बाद रिपोर्ट देगी। एक समाचार चैनल पर प्रसारित खबर में दावा किया गया है कि चित्रकूट में खदानों में काम करने को मजबूर गरीब परिवारों की नाबालिग लड़कियों का कथित रूप से यौन शोषण किया जा रहा है।(एजेंसी)