राम मंदिर ट्रस्ट गठित: के.परासरण बने अध्यक्ष, बाकी ट्रस्टियों के नाम जाहिर

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को लोकसभा में ट्रस्ट गठन करने की घोषणा कर दी है. जिसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने जानकारी देते हुए बताया था कि, इस ट्रस्ट

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को लोकसभा में ट्रस्ट गठन करने की घोषणा कर दी है. जिसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने जानकारी देते हुए बताया था कि, इस ट्रस्ट में १५ सदस्य होंगे, जिन में से एक हमेश दलित समाज का होगा. वही अब ट्रस्ट में शामिल लोगों के नाम सामने आए है. 

मिली जानकारी के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए 15 सदस्यीय ट्रस्ट में पांच धर्मगुरुयों को शामिल किया गया है, इनके साथ कोर्ट में रामलाला न्यास के वकील रहे परासरण को भी ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया है. अयोध्या के शाही परिवार के राजा विमलेंद्र प्रताप मिश्रा को भी शामिल किया गया है. इनके साथ ही अयोध्या के प्रसिद्ध होम्योपैथी डॉक्टर अनिल मिश्रा के साथ जिला कलेक्टर को ट्रस्टी बनाया गया है। 

राम मंदिर निर्माण आंदोलन में मुख्यभूमिका निभाने वाले निर्मोही अखाड़े को भी सरकार ने ट्रस्ट में जगह दीगई है. अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें मीटिंग में वोटिंग का अधिकार नहीं होगा। संघ के स्वयं सेवक कामेश्वर चौपाल को दलित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. 

ट्रस्ट में शामिल लोगों का परिचय:

  • के. परासरण: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील है. वह इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सरकार में अटॉर्नी जनरल रहे चुके है. पिछले नौ सालों तक सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष की पैरवी की थी. इन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चूका है. 
  •  शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वतीजी महाराज (प्रयागराज): यह बद्रीनाथ स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं. 
  • जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज:  कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के 33वें पीठाधीश्वर हैं। इन्होंने दिसंबर 2019 में पेजावर मठ के पीठाधीश्वर स्वामी विश्वेशतीर्थ के निधन के बाद पदवी संभाली।
  • युगपुरुष परमानंद जी महाराज: यह अखंड आश्रम हरिद्वार के प्रमुख हैं। वेदांत पर इनकी 150 से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. इन्होंने साल 2000 में संयुक्त राष्ट्र में आध्यात्मिक नेताओं के शिखर सम्मेलन को संबोधित किया था।
  • स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज: स्वामी गोविंद देव महाराष्ट्र के विख्यात आध्यात्मिक गुरु पांडुरंग शास्त्री अठावले के शिष्य हैं. यह रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, महाभारत और अन्य पौराणिक ग्रंथों का देश-विदेश में प्रवचन करते हैं। 
  • विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा: यह अयोध्या के राजा है. यह रामायण मेला संरक्षक समिति के सदस्य और समाजसेवी के रूप में कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 2009 में बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके है. 
  • डॉ. अनिल मिश्र, होम्पयोपैथिक डॉक्टर: यह अयोध्या के प्रसिद्ध होम्योपैथी डॉक्टर हैं। वे होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार हैं। मिश्रा ने 1992 में राम मंदिर आंदोलन में पूर्व सांसद विनय कटियार के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्तमान में संघ के अवध प्रांत के प्रांत कार्यवाह भी हैं।
  • श्री कामेश्वर चौपाल, पटना (एससी सदस्य): संघ ने कामेश्वर को पहले कारसेवक का दर्जा दिया है। उन्होंने 1989 में राम मंदिर में शिलान्यास की पहली ईंट रखी थी। राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें दलित होने के नाते यह मौका दिया गया है.
  • इसी के साथ बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टी द्वारा नामित दो सदस्य होगे, जो हिन्दू धर्म के होगें.
  • महंत दिनेंद्र दास: यह अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के अयोध्या बैठक के प्रमुख हैं। ट्रस्ट की बैठकों में उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होगा।
  • केंद्र सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि जो पदेन सदस्य होगा, वह धर्म का होगा और केंद्र सरकार के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अफसर होगा। यह व्यक्ति भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे नहीं होगा।
  • राज्य सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि, जो हिंदू धर्म का होगा और उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अफसर होगा। यह व्यक्ति राज्य सरकार के सचिव के पद से नीचे नहीं होगा। यह भी पदेन सदस्य होगा।
  • अयोध्या जिले के कलेक्टर पदेन ट्रस्टी होंगे। वे हिंदू धर्म को मानने वाले होंगे। अगर किसी कारण से मौजूदा कलेक्टर हिंदू धर्म के नहीं हैं, तो अयोध्या के एडिशनल कलेक्टर (हिंदू धर्म) पदेन सदस्य होंगे।
  • राम मंदिर विकास और प्रशासन से जुड़े मामलों के चेयरमैन की नियुक्ति ट्रस्टियों का बोर्ड करेगा। उनका हिंदू होना अनिवार्य है।