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नयी दिल्ली. वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला (Adar Poonawala) ने बृहस्पतिवार को कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों और बुजुर्गों के लिए ऑक्सफोर्ड कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) अगले वर्ष फरवरी तक और आम लोगों के लिए अप्रैल तक उपलब्ध होना चाहिए। इसके साथ ही पूनावाला ने वैक्सीन की संभावित कीमत की जानकारी भी दी।

क्या होगी इस वैक्सीन की कीमत:

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनता को जरूरी दो खुराक की कीमत अधिकतम एक हजार रूपए होगी लेकिन यह परीक्षण के अंतिम नतीजों और नियामक की मंजूरी पर निर्भर करेगा। उन्होंने बताया कि बड़ी मात्रा में सरकार वैक्सीन को खरीदेगी, जिसकी वजह से उसे कम कीमत में मिलेगी। पूनावाला ने कहा कि हम जल्द ही हर महीने 10 करोड़ डोज का उत्पादन करेंगे। हम उत्पादन क्षमता को बढ़ा रहे हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जुलाई तक भारत को 30-40 करोड़ टीके दे सकते हैं। पूनावाला ने हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट (एचटीएलएस)2020 में कहा कि संभवतया 2024 तक हर भारतीय को टीका लग चुका होगा।

अदार पूनावाला: हर भारतीय तक पहुंचे यह वैक्सीन:

उन्होंने कहा,‘‘ भारत में हर व्यक्ति को टीका लगने में दो या तीन साल लग जाएंगे,यह केवल आपूर्ति में कमी के कारण नहीं बल्कि इसलिए भी क्योंकि आपको बजट, टीका ,साजो सामान, बुनियादी ढांचे की जरूरत है और फिर टीका लगवाने के लिए लोगों को राजी होना चाहिए और यह वे कारक हैं जो पूरी आबादी के 80-90 प्रतिशत लोगों को टीकाकरण के लिए जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, ”अप्रैल-मई में किसी ने सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी वैक्सीन बन जाएगी। अब तक इस वैक्सीन ने बुजुर्गों पर भी काफी अच्छा रिजल्ट दिया है। जैसा कि मॉर्डर्ना, फाइजर महंगे हैं या इनका स्टोरेज कठिन है, बड़ा सवाल है कि यह वैक्सीन से हम कितने समय तक सुरक्षित रह सकते हैं। अभी तक इनका परिणाम बहुत अच्छा है।” पूनावाला ने बताया कि यह समय बताएगा कि ये टीके आपको लंबे समय तक बचा सकते हैं या नहीं। अभी कोई गारंटी से नहीं बता सकता है, बस अनुमान और दावे किए जा रहे हैं।

बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट (SII) भारत में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन को ब्रिटेन की एस्ट्रेजेनिका के साथ तैयार कर रही है। पूनावाला ने बताया कि साल 2021 की पहली तिमाही में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के 30-40 करोड़ डोज उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस संख्या को कैसे नहीं हासिल किया जा सकता है, इसकी कोई वजह नहीं है।