शाह ने गुजरात के 200 परिवारों को विद्युत चाक वितरित किए

नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को गुजरात की सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़ी कुम्हार जाति के 200 प्रशिक्षित परिवारों के बीच बिजली से चलने वाले चाक वितरित किए। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में अहमदाबाद और गांधीनगर के 20 गांवों के परिवार शामिल हैं। गांधीनगर शाह का संसदीय क्षेत्र भी है। इस अवसर पर शाह ने कहा कि समाज के गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘विद्युत चालित चाक के वितरण से अहमदाबाद जिले के प्रजापति समाज के 200 परिवारों को नई दिशा मिलने जा रही है।” उन्होंने कहा कि कुम्हार सशक्तीकरण योजना देश की पारंपरिक कला को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की एक अभूतपूर्व पहल है। उन्होंने कहा, ‘‘खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने कुम्हार भाइयों-बहनों को प्रशिक्षित कर अन्य उपकरण भी वितरित किये हैं जिससे उनका काम सरल होगा और समय की बचत के साथ-साथ उनके उत्पादन व आय में वृद्धि होगी।”

केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि रेलवे स्टेशन और दूसरी जगह प्लास्टिक की चीजों का उपयोग बंद कर के कुल्हड़ और मिट्टी के दीए जैसी वस्तुएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिससे रोजगार को खूब बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई, ‘‘कुछ दिनों में नवरात्रि का त्योहार भी आ रहा है। उसके बाद शरद पूनम और दिवाली के त्योहार आएंगे। इसलिए दीयों और मिट्टी की अन्य वस्तुओं की खपत बढ़ेगी।” इस अवसर पर शाह ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग से रेलवे के साथ प्रजापति समाज का टाई अप कराने की अपील की ताकि वे एक संस्था बना कर रेलवे को अपनी वस्तुएं बेच सकें।

उन्होने कहा कि गुजरात में सहकारी मॉडल मजबूत है। तालुका स्तर की सहकारी संस्था प्रजापति समाज से कुल्हड़ खऱीदे, जिससे सामान बेचने के लिए बाहर जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी । शाह ने इससे पहले गत 24 जुलाई को गांधीनगर जिले के बालवा गांव के 40 कुम्हार परिवारों को विद्युत चालित चाक वितरित किए थे। इस योजना के अंतर्गत अब तक गुजरात के 840 कुम्हार परिवारों को विद्युत चालित चाक दिये गए हैं, जिससे उन्हें उनके गृह स्थान पर ही रोजगार उपलब्ध हुआ है।

बयान में कहा गया कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग की कुम्हार सशक्तीकरण योजना के तहत सभी लाभार्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। शाह ने प्रशिक्षित कुम्हारों से संवाद भी कायम किया। कुम्हार परिवारों को ब्लंजर मशीन तथा पग मिल भी वितरित किए जा रहे हैं जिससे मिट्टी को मिलाने का काम आसान होगा और कम समय में ज्यादा मिट्टी तैयार की जा सकेगी। बयान के मुताबिक, ‘‘विद्युत चालित चाक पर कुम्हार चाक की गति को भी नियंत्रित कर सकेंगे, जिससे काम करना सरल होगा तथा उत्पादन में वृद्धि होगी।” (एजेंसी)