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    नयी दिल्ली:  भारत में 132 दिन बाद कोविड-19 के 30 हजार से कम नए मामले सामने आए। वहीं, 124 दिन बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या 40 हजार से कम है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, एक दिन में कोविड-19 के 29,689 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,14,40,951 हो गई। वहीं, 415 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,21,382 हो गई। उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 3,98,100 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.27 प्रतिशत है। 

    पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 13,089 कमी आई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.39 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, अभी तक कुल 45,91,64,121 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 17,20,110 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। देश में नमूनों के संक्रमित आने की दैनिक दर 1.73 प्रतिशत है। नमूनों में संक्रमण की पुष्टि की साप्ताहिक दर 2.33 प्रतिशत है। अभी तक कुल 3,06,21,469 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। 

    कोविड-19 से मृत्यु दर 1.34 प्रतिशत है। देश में अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 44.19 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख के पार हो गए। 

    देश में 19 दिसम्बर को ये मामले एक करोड़ के पार, चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे। आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से जिन 415 लोगों की मौत हुई, उनमें से केरल के 135, ओडिशा के 62 और महाराष्ट्र के 53 लोग थे। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक 4,21,382 लोगों की मौत हुई, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,31,605, कर्नाटक के 36,405, तमिलनाडु के 33,937, दिल्ली के 25,044, उत्तर प्रदेश के 22,750 और पश्चिम बंगाल के 18,085 लोग थे। 

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है। (एजेंसी)