कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Photo Credits-ANI Twitter)
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Photo Credits-ANI Twitter)

    नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) का आज से आगाज हो गया है। इन सब के बीच कृषि कानूनों की वापसी का बिल (Farm Laws Repeal Bill, 2021) लोकसभा (Lok Sabha)  में आज पेश हुआ और विपक्ष के हंगामे के बीच आसानी से पास हो गया है। हालांकि विपक्ष लगातार चर्चा की मांग पर अड़ा है। 

    ज्ञात हो कि विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच लोकसभा में कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 पास हो गया । लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में विधेयक पर चर्चा की मांग की थी। कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए सरकार के तैयार न होने की खबर सामने आ रही है। केंद्र का कहना है कि जब पीएम मोदी खुद माफी मांग चुके हैं तो फिर चर्चा की जरुरत नहीं है।

    वहीं कांग्रेस ने एमएसपी की गारंटी पर कानून बनाने और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही कांग्रेस ने तेल के बढ़ते दामों पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव भी दिया है।

    लोकसभा में कृषि कानून निरसन विधेयक पारित होने पर BKU प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जिन 700 किसानों की मृत्यु हुई उनको ही इस बिल के वापस होने का श्रेय जाता है। MSP भी एक बीमारी है। सरकार व्यापारियों को फसलों की लूट की छूट देना चाहती है। आंदोलन जारी रहेगा।

    गौर हो कि संसद के शीतकालीन सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है, खुली चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। बावजूद इसके अब चर्चा के लिए सरकार का तैयार न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।