एक ‘लक्ष्मण रेखा’ है…., देशद्रोह मामलों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बिफरे केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजद्रोह कानून पर रोक लगा दी है। जिसके बाद नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी  ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘सच बोलना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं। सच कहना देश प्रेम है, देशद्रोह नहीं। उन्होंने आगे ये भी कहा, सच सुनना राजधर्म है, सच कुचलना राजहठ है।  

    वहीं, केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने भी राजद्रोह कानून पर रोक के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि, ‘हमने अपनी स्थिति बहुत स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के बारे में भी अदालत को सूचित कर दिया है। हम अदालत और उसकी स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं।  लेकिन एक ‘लक्ष्मण रेखा’ (पंक्ति) है जिसका राज्य के सभी अंगों को सम्मान करना चाहिए। 

    कांग्रेस ने देश को विभाजित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा 

    इसके बाद, केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गाँधी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ‘अगर कोई पार्टी है जो स्वतंत्रता, लोकतंत्र और संस्थानों के सम्मान की विरोधी है तो वह कांग्रेस है। कांग्रेस हमेशा से भारत को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़ी रही है और इसने भारत को विभाजित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है।’

    अन्ना आंदोलन और अन्य भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों पर कड़ी थी यूपीए की नजर 

    केंद्रीय कानून मंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए आगे कहा कि, ‘अन्ना आंदोलन और अन्य भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों के दौरान भी जो यूपीए के साथ नहीं खड़े थे, उन्हें उत्पीड़न, धमकी और गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ा था। उस दौरान यूपीए उन पर कड़ी नजर रख रहा था।’

    नहीं है कांग्रेस को दूसरों को उपदेश देने का अधिकार 

    कानून मंत्री ने यह भी कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करेंगे। यह हमारे संविधान में निहित मूल्यों की भी रक्षा करेगा। कांग्रेस और उसके टुकड़े-टुकड़े गैंग को दूसरों को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। 

    देशद्रोह कानून पर रोक 

    उल्लेखनीय है कि, देश की शीर्ष अदालत ने बुधवार को देशद्रोह कानून पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। यही नहीं अदालत ने इस बारें में केंद्र और राज्यों को पुनर्विचार की अनुमति भी दी है।  इसके साथ ही इन्हे आदेश भी दिया है कि, जब तक इस मामले में पुनर्विचार हो रहा है, तब तक किसी पर भी राजद्रोह कानून (124ए) के तहत नया मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। बता दें कि, इस मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होने वाली है।