आज है ‘नेशनल डॉक्टर्स डे’, जानिए इतिहास, महत्व और इस साल की थीम

    नई दिल्ली: डॉक्टर्स को भगवान का रूप कहा जाता है। इसमें कोई दो राहे नहीं है कि डॉक्टर्स भगवान से कम है। जी हां कई बार डॉक्टर्स हमें मौत के मुंह से भी वापस ले आते है। जरा सोचिए  कि  अगर हमारी तबीयत खराब हो जाती है और दुनिया में कोई भी डॉक्टर नहीं है तो हमारा क्या होगा? डर  के मरे सहम गए ना? जी हां हर एक के जीवन में डॉक्टर्स बहुत ज्यादा मायने रखते है, ऐसे में हर साल 1 जुलाई को ‘नेशनल डॉक्टर्स डे’ मनाया जाता है। 

    वैसे तो हम सब जानते है कि डॉक्टर्स को जीवनदाता की संज्ञा दी गई है, मतलब वे हमें नया जीवन देने वाले होते है, लेकिन खासतौर पर कोरोना काल में अहम योगदान देकर डॉक्टर्स ने इसको बखूबी साबित भी किया। डॉक्टर्स ने दिन-रात एक करके लोगों की जान बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसे दौर में डॉक्टर्स अपने काम पर डटे रहे। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि कोरोना वायरस को हराने में डॉक्टर्स ने मुख्य भूमिका निभाई है। आज  हैं ‘राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस’ के  इस मौके पर आइए जानते है इनसे जुड़ी कुछ खास महत्वपूर्ण बातें… 

    जानें  कब मनाया जाता है ‘नेशनल डॉक्टर्स डे’

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि दुनिया के हर देश में अलग-अलग तारीख को डॉक्टर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है। वहीं हमारे देश भारत में हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हर साल देश में राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस के कार्यक्रम का आयोजन करती है, और इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। 

    डॉक्टर्स डे 2022 की थीम

    दरअसल देश में हर साल डॉक्टर्स डे का सेलिब्रेशन किसी न किसी थीम पर आधारित होता है। इस वर्ष यानी साल 2022 के लिए नेशनल डॉक्टर्स डे की थीम ‘फैमली डॉक्टर्स ऑन दि फ्रंट लाइन’ निर्धारित की गई है, इस थीम के तहत आज पुरे देश में डॉक्टर्स डे मनाया जाएगा। 

    डॉक्टर्स डे का इतिहास, महत्व 

    आपको बता दें कि देश में डॉक्टर्स डे मनाने की शुरुआत 1 जुलाई 1991 से की गई थी। यह दिन डॉ. बिधान चंद्र रॉय को समर्पित किया गया है। जानकारी के अनुसार, बी.सी.रॉय का जन्म 1 जुलाई 1882 में हुआ था। दरअसल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का इलाज करने वाले डॉ. बिधान रॉय ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी योगदान दिया था। उनके इसी योगदान को सम्मान देने के लिए 1 जुलाई को ‘डॉक्टर्स डे’ मनाया जाता है। साथ ही 1975 से चिकित्सा, विज्ञान, दर्शन, कला और साहित्य के क्षेत्रों में अद्भुत काम करने वालों को भी हर साल बी.सी.रॉय पुरस्कार से नवाजा जाता है। डॉक्टर्स के इस सराहनीय कार्य के लिए हर साला यह दिन मनाया जाता है।