15 patients absconding from Jamner Kovid Center, complaint lodged

    जलगांव. भाजपा के संकटमोचक विधायक गिरीश महाजन के गृहनगर में स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की उदासीनता सामने आई है। कोरोना मरीजों (Corona Patients) को समय पर सुविधाएं (Facilities) नहीं मिलने के कारण हल्के लक्षण वाले 15 संक्रमित मरीजों के जामनेर कोविड सेंटर (Jamner Covid Center) से सोमवार की देर शाम फरार हो जाने से तहसील में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने फरार मरीजों की गुमशुदगी की शिकायत (Complaint) पुलिस थाने (Police Station) में दर्ज कराई है। वहीं मरीजों ने समय पर भोजन और नाश्ता नहीं मिलने की शिकायत की है।

    जामनेर शहर सहित तालुका में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। इसलिए एहतियात के तौर पर धारीवाल पॉलिटेक्निक कॉलेज में सरकारी कोविड केयर सेंटर बनाया किया गया है। वर्तमान में इस कोविड केंद्र में 50 संक्रमित मरीज भर्ती हैं। इनमें से खराब सुविधाओं के कारण 15 मरीज पलायन कर गए हैं।

    मरीजों को भोजन, नाश्ता नहीं देने का आरोप 

    जलगांव जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह होती जा रही है। वहीं स्वास्थ्य प्रणाली की उदासीनता के कारण कोविड सेंटरों में सुविधाओं के अभाव में भर्ती रोगियों को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है । उन्हें समय पर भोजन, नाश्ता और दवाइयां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। एक तरह से लोगों को जेल में डाल दिया जा रहा है। इस तरह का अनुभव मरीजों ने व्यक्त किया है। जामनेर का भी यही हाल है, जिसके चलते मरीज कोविड सेंटर से रातों-रात फरार हो गए। कुछ रोगियों ने कोविड केंद्र के कुप्रबंधन की शिकायत करते हुए कहा कि केंद्र रोगियों को भोजन, पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान नहीं करता है। रोगियों की दैनिक स्वास्थ्य जांच भी नहीं की जाती है। 

    नहीं दी गई दवाइयां

    इस स्थान पर ड्यूटी पर तैनात नर्स और डॉक्टर मरीजों को देखने के लिए सुबह और शाम आते हैं। हालांकि वे किसी भी तरह की स्वास्थ्य जांच नहीं करते हैं।  रोगी के शरीर का तापमान क्या है, ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है या नहीं, क्या रोगी को गोलियों की आवश्यकता है या नहीं? चौंकाने वाली बात यह है कि  कोविड सेंटर में भर्ती करने के बाद किसी भी प्रकार की गोलियां और दवाइयां नहीं दी गईं। मरीजों ने यह भी शिकायत की कि स्वास्थ्य परीक्षण करने के बारे में पूछने पर नर्स और डॉक्टर गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हैं।

    कोविड केंद्र में उचित सुविधाएं उपलब्ध

    तालुका चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय सोनवणे ने कहा कि मरीजों को कोविड केंद्र में उचित उपचार और सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। कुछ मरीज कह रहे थे, हमें घर में क्वारंटाइन किया जाए। हमने उन्हें अनुमति देने से इंकार कर दिया। कोविड केंद्र में उनकी अवधि समाप्त नहीं हुई थी। इसलिए वे गड़बड़ करने लगे। केंद्र में भर्ती मरीजों को कोरोना उपचार के नियमों के अनुसार गोलियां और दवाएं दी जा रही हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।  लेकिन कुछ मरीज कह रहे थे कि हमें इंजेक्शन दिया जाए। नियमों के अनुसार ऐसा नहीं कर सकते, जिसके चलते कुछ लोग कोविड सेंटर में हंगामा खड़ा कर फरार हो गए।

    खाने व नाश्ते के लिए ठेकेदार नियुक्त

    डॉक्टर सोनवणे ने कहा कि पिछले एक साल से कोविड केंद्र को चला रहे हैं। भोजन, नाश्ता और पानी उपलब्ध कराने के लिए ठेकेदार नियुक्त किया गया है, जो नियमित भोजन और नाश्ता देता है। इसके बावजूद 15 मरीज फरार हो गए हैं। उनके खिलाफ जामनेर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। इसी के साथ पुलिस अधिकारियों से उन्हें गिरफ्तार कर कोविड केंद्र में वापस लाने का अनुरोध किया गया है।