कोरोना मरीजों के साथ महापौर ने किया योगा

 योगा से होता है नई ऊर्जा का संचार : सोनवणे

जलगांव. कोरोना वायरस की महामारी के बीच सभी राजनीतिक दलों के कद्दावर नेता घरों में बैठे हैं, ऐसी नाजुक स्थिति में जलगांव शहर की महापौर प्रति दिन महानगर पालिका द्वारा संचालित कोविड-19 अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों का मनोबल बढ़ाने के लिए योगासन करा रही हैं. रविवार को अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस के अवसर पर महापौर ने अस्पताल के कोरोना मरीजों को योगासन योगा की मुद्राओं का अभ्यास महापौर भारती सोनवणे के निर्देशन में कराया जा रहा है.छठां अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस देश के विभिन्न कोनों में ऑनलाइन प्रक्रिया से संपन्न कराया गया, किंतु इसके अपवाद में जलगांव महापौर ने अभिनव पहल करते हुए महानगर  पालिका कोविड अस्पताल में योग गुरु हेमांगिनी सोनवणे के साथ प्रत्यक्ष रूप में कोरोना मरीज और क्वारंटाइन व्यक्तियों के बीच में प्रत्यक्ष उपस्थित होकर उन्हें योगासन का महत्व समझाया.

योगा से बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता

योगाभ्यास से पहले महापौर भरती सोनवणे ने अपने संबोधन में कहा कि पांच वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और प्रयासों से योगा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल सकी. योगा से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है साथ ही बीमारियां दूर रहती हैं और उन पर होने वाला खर्च बचता है. जीवन में संतुलन ही योगा है. नियमित दिनचर्या में अगर इसे शामिल किया जाए तो नई ऊर्जा का संचार होता है. संबोधन के बाद करीब 60 मिनट तक योगा प्रशिक्षक ने योगाभ्यास कराया. इस दौरान 6 प्रकार के योगासन जिसमें ओंकार, दीर्घ श्वसन, अनुलोम विलोम, भ्रमर, कपालभाती, भसरीका अभ्यास कराया गया.महापौर ने नियमित दिनचर्या में योगा साधना को शामिल करने का आव्हान किया है.