कोई भी विद्यार्थी परीक्षा से वंचित न रहे

  • अंतिम वर्ष की परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा
  • शिक्षा मंत्री सावंत ने अधिकारियों को दिया निर्देश

जलगांव. कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय में अंतिम वर्ष की परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा बैठक उच्च शिक्षा तंत्र मंत्री उदय सामंत की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी. इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी विद्यार्थी परीक्षा से वंचित ना रहे, इसका पूरा ध्यान रखा जाए. इस तरह से परीक्षाओं की योजनाएं बनाई जाएं.

शिक्षा मंत्री सावंत ने परीक्षा आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंतिम वर्ष की ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन किस प्रणाली के माध्यम से परीक्षाएं ली जाएं, इसका निर्णय जल्द से जल्द कर परीक्षा की तैयारियां शुरू कराई जाएं. परीक्षार्थियों के आने-जाने की करें व्यवस्था

ऑफ़लाइन विकल्प चयन करने वाले छात्रों को निकटतम परीक्षा केंद्र चुनने की अनुमति  दें. परीक्षा केंद्र तक विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए  परिवहन व्यवस्था की योजना बनाएं. वहीं, विकलांग छात्रों को परीक्षा केंद्र तक लाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी. कंटेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए जिला प्रशासन के साथ परामर्श कर  छात्रों की परीक्षा के संबंध में निर्णय लें.

परीक्षार्थियों को परीक्षा संबंधित जानकारी अभ्यासक्रम अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए. कोरोना में छात्रों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है. किसी कारण से विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकें तो दोबारा अलग से परीक्षा का आयोजन कर विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित ना रखा जाए, बल्कि परीक्षा का आयोजन कराएं. इस तरह का भी निर्देश उन्होंने विद्यार्थियों के हितों में दिया है.

भेदभाव करने पर संस्थानों पर होगी कार्रवाई

शिक्षा मंत्री उदय सावंत ने उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय के कुल गुरु को संबोधित करते हुए कहा कि अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के परिणाम प्रमाण पत्र पहले जैसे ही रहें. यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए और अंतिम वर्ष की परीक्षा में असफल होने वाले विद्यार्थियों के लिए फिर से परीक्षा के आयोजन की तैयारियां अभी शुरू कर दें. शिक्षा मंत्री ने नौकरी देने वाले संस्थानों को आगाह करते हुए चेतावनी दी है कि इस साल स्नातक करने वाले छात्रों को नियोक्ताओं द्वारा अलग तरह से व्यवहार किया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

संत साहित्य केंद्र शुरू करने जल्द स्वीकृति

इस समय कुलपति प्रा पाटिल ने शिक्षा मंत्री सावंत को बताया कि सरकार स्तर पर विश्वविद्यालय के अनेक मुद्दे लंबित हैं. शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कहा कि निकट भविष्य में विश्वविद्यालय के सभी मुद्दों को हल करने प्राथमिकता दी जाएगी. पालक मंत्री गुलाबराव पाटिल ने शिक्षा मंत्री से कहा कि विश्वविद्यालय में संत साहित्य केंद्र शुरू करने के लिए सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, ताकि छात्र संत मुक्ताई, संत चांगदेव के साहित्य का अध्ययन कर सकें. इसे जल्द से जल्द स्वीकृत करने के लिए व्यक्तिगत रूप से इसका अनुसरण कर रहा हूं. इस पर शिक्षा मंत्री ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्ताव को जल्दी ही पारित किया जाएगा.

इस वर्ष परीक्षा शुल्क माफ

इस वर्ष उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय में अंतिम वर्ष की परीक्षा के लिए 53 हजार 564 परीक्षार्थी ने पंजीयन कराया है. अभी तक 41 हजार 878 विद्यार्थी ऑनलाइन और 4 हजार 435 विद्यार्थियों ने ऑफलाइन परीक्षा देने का पर्याय चुना है. इनमें  272 विद्यार्थी दिव्यांग हैं. इसी तरह से इस साल का परीक्षा शुल्क माफ कर दिया गया है. अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए फीस वृद्धि को स्थगित करने का निर्णय विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया. इस तरह की जानकारी कुलपति पी  पी  पाटिल ने दी.