”बेटियों” के पांच हत्याकांड जिसने देश को झकझोरा

भारत देश को संस्कृति विरासत में मिली है और यहां महिलाओं को माता लक्ष्मी का रूप माना गया है। कहा जाता है कि ''यत्र नार्यास्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता'': अर्थात जहा नारी पूज्यनिय होती है वहां देवताओं

भारत देश को संस्कृति विरासत में मिली है और यहां महिलाओं को माता लक्ष्मी का रूप माना गया है। कहा जाता है कि ‘यत्र नार्यास्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’: अर्थात जहा नारी पूज्यनिय होती है वहां देवताओं का निवास होता है। परंतु हमारे देश में महिलाओं की जो वर्तमान स्थिति है उसे देखकर तो दिल दहल जाता है। महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रही अमानवीय घटनाएं और क्रूरता सारी सीमाओं को लांघ चुकी है। इक्कीसवीं सदी में जहां महिला-पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए जानी जाती है। वहीं आज इसकी सुरक्षा और इज्ज़ खतरे में हैं, जिससे वह आज डर के साये में जीने के लिए मजबूर है। पिछले कुछ साल के दौरान भारत में रेप और मर्डर की ऐसी घटनाएं भी हुईं, जिनसे भारत को दुनिया भर में शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है। हम आपकों ऐसी पांच घटनाओं से अवगत कराने जा रहें है जिसने देश को झकझोर कर रख दिया।

तंदूर हत्याकांड

बगिया रेस्टोरेंट में 2 जुलाई 1995 की रात एक कांस्टेबल ने धुआं निकलते देखा। जिसके जांच में पाया गया कि किसी का बेहरहमी से हत्या की गई है। 29 साल की नैना साहनी की हत्या उसके ही पति सुशील शर्मा ने बड़े घृणित तरीके से की थी। सुशील ने नैना का शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके टुकड़े कर तंदूर में जला दिए थे। उसे यह शंका थी कि नैना का अफेयर उसके सहपाठी के साथ चल रहा है। यह हत्याकांड पूरे देश में तंदूर हत्याकांड के रूप में चर्चित हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने सुशील शर्मा को फांसी की सजा सुनाई गई थी, बाद में उसे आजीवन कारावास में बदल दिया गया।

निर्भया गैंग रेप

16 दिसंबर 2012 को 23 साल की पैरामेडिकल की छात्रा फिल्म देखने के बाद अपने एक दोस्त के साथ बस में सवार होकर मुनिरका से द्वारका जा रही थी। उन दोनों के अलावा बस में और 6 लोग थे। वे निर्भया के साथ छेड़छाड़ करने लगे। आरोपियों ने विरोध कर रहे निर्भया के दोस्त को बहुत पीटा जिससे वह बेहोश हो गया। सड़क पर दौड़ती तेज रफ्तार बस में निर्भया अकेली थी। उसने कई देर तक उन वहशी दरिंदों का सामना किया लेकिन उसकी हिम्मत जवाब दे चुकी थी। उन सबने निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार किया। यही नहीं निर्भया के प्राइवेट पार्ट जंग लगी लोहे की रॉड डाल दी गई जिससे उसकी आंतें शरीर से बाहर निकल आईं। बाद में उन शैतानों ने निर्भया और उसके दोस्त को चलती बस से फेंक दिया था। जिसके बाद नाजुक हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जिंदगी से जंग हारने के बाद उसकी मौत हो गई।

कठुआ गैंग रेप

जम्मू कश्मीर में 10 जनवरी को 8 साल की बच्ची आसिफा लापता हो गई थी। 7 दिनों के बाद 17 जनवरी को जंगल में उसका शव मंदिर के पिछे क्षत-विक्षत मिला। इस बच्ची से बार-बार गैंगरेप किया गया था। भूख से बेहाल और नशीली दवाई देकर इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया गया। जिस के बाद आसिफा का गला दबाकर सिर को पत्थर से कुचल दिया गया था। कठुआ में अल्पसंख्यक समुदाय की इस बच्ची को हिंदू परिवारों की बकरी वालों से अतिक्रमण की लड़ाई का खामियाजा उस 8 वर्षीया बच्ची को भुगतना पड़ा।

हैदराबाद डॉक्टर गैंगरेप

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला से गैंगरेप करने के बाद हत्या कर उसके लाश को जला दिया गया। 26 वर्षीय वेटनरी डॉक्टर की स्कूटी का टायर पंक्चर होने के बाद वह किसी का इंतजार कर रही थी। वहीं टोल प्लाजा के पास शराब पी रहे चार ट्रक ड्राइवर और क्लीनर ने पंक्चर ठीक करवाने के बहाने उसे अपने साथ ले गए। रात 9.30 बजे से दूसरे दिन तड़के 4 बजे तक डॉक्टर से दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। और करीब 30 किमी तक लाश को लेकर धुमते रहे। फिर एक पुल के नीचे शव को चादर में लपेटा और केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। बता दें कि बाद में इन चारों आरोपियों का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया।

हिंगणघाट मामला

महाराष्ट्र, वर्धा के हिंगणघाट में युवक ने एक तरफा प्यार में एक महिला टीचर को आग के हवाले कर दिया। दरअसल, 27 साल का एक शादीशुदा युवक पिछले कई दिनों से महिला शिक्षक के पीछे पड़ा हुआ था। वह उससे शादी करना चाहता था। परंतु 24 साल की महिला उसे प्यार नहीं करती थी। वह लगातार उसका पीछा करते रहा। उसने कई बार महिला को मनाने की कोशिश की परंतु वह नहीं मानी। एक दिन युवक ने महिला को एक चौक पर पेट्रोल डालकर जिंदा आग लगा दिया। इस घटना में महिला काफी मात्रा में झुलस गई जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहा उसकी मौत हो गई।

महिलाओं के इस माहौल का जिम्मेदारी केवल सरकार की ही नहीं अपितु एक आम नागरिक भी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर नागरिक को सचेत होने की जरूरत है। ताकि देश की शसक्त शक्ति समाज में सिर उठा कर और बीना किसी भय के रह सके। समाज में हो रहे बलात्कार, हत्या, जिस्मफरोशी के खिलाफ आवाज उठार्इ जानी चाहिए। बच्चियों को हवश का शिकार बनाया जा रहा है, सरकार के ठोस कदम के बावजूद ऐसी घटनाएं रोज घटीत हो रही हैं, अब इसके विरोध में ऐसे निर्णय लिए जाने के जरूरत है जिससे व्यक्ति की रूह तक कांप जाए।

यदि हम इन घटनाओं पर रोक नहीं लगा पर रहें है तो….हम अपने समाज का भविष्य भयंकर अंधकार में ले जा रहें है।कमजोर कानून व्यवस्था के कारण आरोपियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है जिसपर अंकुश लगाने की जरूरत है। हम जब तक हम अपने समाज से…या आस पड़ोस से… इन बलात्कारियों को निकाल कर फेंक नहीं देते, तब तक हमारी बेटियां कहीं ना कहीं फेंकी हुई मिलेगी…