BJP Uttarakhand Pradesh Working Committee meeting on 31 August

इंदौर (मध्यप्रदेश). पुराने स्थानों के नये नामकरण की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए इंदौर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद शंकर लालवानी ने रविवार को कहा कि शहर के एक प्रसिद्ध गणेश मंदिर से सटे इलाके का नाम खजराना से बदलकर हिन्दुओं के प्रथम पूज्य देवता के नाम पर रखा जाना चाहिए।

लालवानी ने यहां संवाददाताओं से कहा, “खजराना के क्षेत्रीय नागरिकों ने मुझसे मिलकर मांग की है कि राज्य सरकार को इस इलाके के गणेश मंदिर से सटे इलाके का नाम बदलकर गणेश नगर या गणेश धाम अथवा गणेश कॉलोनी कर देना चाहिए क्योंकि यह देवालय धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है।”

उन्होंने कहा, “खजराना में एक दरगाह के पास स्थित क्षेत्र को खजराना के मौजूदा नाम से ही पहचाना जाना चाहिए। शहर के इस हिस्से के नाम से लोगों को कोई दिक्कत नहीं है।”

लालवानी ने कहा, “हम राज्य सरकार तक क्षेत्रीय लोगों की भावनाएं पहुंचाएंगे ताकि खजराना के एक हिस्से का नाम भगवान गणेश के नाम पर रखा जा सके।”

गौरतलब है कि खजराना क्षेत्र में हिंदुओं और मुस्लिमों की मिश्रित आबादी रहती है। भाजपा सांसद ने खजराना के एक हिस्से के नये नामकरण का मुद्दा ऐसे वक्त उठाया है, जब राजनीतिक दल अगले महीने संभावित नगर निगम चुनावों के लिए कमर कस रहे हैं। उधर, सूबे के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा सांसद के बयान पर गहरी आपत्ति जताई है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के हालिया चुनावों की तर्ज पर इंदौर नगर निगम के आगामी चुनावों में भी एक पुराने इलाके के नये नामकरण के मुद्दे की आड़ में सांप्रदायिक आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा, “भाजपा अपने चुनावी लाभ के लिए दो समुदायों में फूट डालने की जहरीली कोशिश कर रही है। भाजपा सांसद जिस गणेश मंदिर के आधार पर शहर के एक हिस्से का नाम बदलने की बात कर रहे हैं, वह देश-दुनिया में खजराना गणेश मंदिर के नाम से ही विख्यात है।”

शुक्ला ने पूछा, “लालवानी स्पष्ट करें कि क्या वह खजराना गणेश मंदिर का नाम भी बदलवाना चाहते हैं?” उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीएचएमसी चुनावों के दौरान हैदराबाद का नाम बदलकर “भाग्य नगर” किए जाने की बहस खड़ी की थी। उन्होंने तेलंगाना के मतदाताओं को याद दिलाया था कि उत्तरप्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद नये नामकरण के तहत इलाहाबाद को प्रयागराज और फैजाबाद को अयोध्या कर दिया गया है।