महाराष्ट्र में फिर से छाई  कोरोना की दहशत, 6 महीने के भीतर दोबारा अपने गांव लौटने लगे उत्तर भारतीय मजदूर, स्टेशन पर नजर आने लगी भारी भीड़

    मुंबई: देश में कोरोना (Coronavirus Pandemic) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोविड-19 (COVID-19) से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार सामने आ रही है। महाराष्ट्र (Maharashtra), पंजाब (Punjab) सहित कुछ राज्यों में कोरोना पूरी तरह से बेकाबू हो गया है। महाराष्ट्र में 24 घंटे के भीतर 56 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं। जबकि 376 लोगों की मौत हुई है। सूबे में मिनी लॉकडाउन (Mini Lcokdown) का ऐलान करते हुए सख्ती जारी है। इन सब के बीच महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। मजदूरों को किसी तरह की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। यही कारण है कि वे अपने गृह राज्य वापस लौट रहे हैं। मजदूरों को लग रहा है की सूबे में जल्द ही लॉकडाउन का फैसला सरकार कर सकती है।

    बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे, पालघर और मुंबई सहित कुछ जिलों से प्रवासी मजदूरों के पलायन की खबरें लगातार सामने आ रही है। पिछले साल लॉकडाउन की वजह से भी बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों को पलायन करना पड़ा था। राज्य की उद्धव सरकार ने अपने स्तर पर काफी अच्छा काम भी किया था। सूबे के लोकमान्य तिलक टर्मिनस सहित कई स्टेशनों पर भीड़ नजर आ रही है। 

    महाराष्ट्र में कोरोना का कहर जारी-

    वहीं प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए पिछली बार सामने आए सामाजिक संगठन और अन्य लोग भी इस बार नदारत हैं। हालांकि प्रवासी मजदूरों का पलायन अगर ऐसे ही जारी रहा तो आने वाले समय में इनसे जुड़े जो काम हैं वहां काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। 

    गौर हो कि पिछले बार जब लॉकडाउन खुला तो मजदुर धीरे-धीरे काम के मद्देनजर वापस लौट आए। लेकिन अब छह महीने के भीतर ही उन्हें एक बार पलायन का डर सता रहा है। साथ ही बड़ी तादात में लोग वापस भी लौट रहे हैं। कोरोना मामलों की संख्या हजारों की संख्या में सामने आ रही है यही कारण है की वे पलायन की तरफ सोच रहे हैं।  क्योंकि उन्हें डर है कि हालात पिछले बार से भी ज्यादा खराब न हो जाए।