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मुंबई: वैश्विक स्तर पर मिले-जुले रुख के बीच घरेलू शेयर बाजार (Share Market) बृहस्पतिवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। एनएसई निफ्टी (Nifty) रिकार्ड स्तर पर बंद हुआ। रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले निवेशक देखो और इंतजार करो की नीति का रुख अपनाये हुए हैं। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) कारोबार के दौरान एक समय 44,953.01 तक चला गया था। बाद में यह कुछ नीचे आया और अंत में 14.61 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 44,632.65 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी कारोबार के दौरान 13,216.60 अंक तक चला गया था। अंत में यह 20.15 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 13,133.90 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी का यह अब तक का सर्वोच्च स्तर है।

सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक लाभ में मारुति रही। कंपनी का शेयर 7.45 प्रतिशत मजबूत हुआ। इसके आलावा ओएनजीसी, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील में भी अच्छी तेजी रही। दूसरी तरफ, एचडीएफसी बैंक को सर्वाधिक 2.13 प्रतिशत का नुकसान हुआ। निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने गुरुवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने उससे अपनी नई डिजिटल बैंकिंग पहल और नए क्रेडिट कार्ड जारी करने को अस्थायी रूप से रोकने के लिए कहा है।

केंद्रीय बैंक ने एचडीएफसी के डेटा सेंटर में पिछले महीने कामकाज प्रभावित होने के चलते यह आदेश दिया। इससे कंपनी के शेयर पर असर पड़ा। इसके अलावा टीसीएस, बजाज ऑटो, इन्फोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.48 प्रतिशत तक की गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर मिला-जुला रुख रहा।

रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति मामलों के प्रमुख विनोद मोदी ने कहा, ‘‘यह एक प्रकार से उतार-चढ़ाव भरा कारोबार रहा। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मजबूत तेजी देखने को मिली। इसके अलावा धातु, रीयल्टी और वाहन कंपनियों के शेयरों के प्रति भी आकर्षण दिखा… उम्मीद के अनुरूप मिड कैप और स्मॉल कैप (मझोली एवं छोटी कंपनियों के शेयर) का प्रदर्शन बड़ी कंपनियों के शेयरों के मुकाबले बेहतर बना हुआ है। यह स्थिति आने वाले दिनों में बनी रह सकती है।”

उन्होंने कहा कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से पहले निवेशक थोड़े सतर्क दिखें। ‘‘…पिछले एक महीने में निफ्टी में काफी तेजी देखी गयी है और इसे कामय रहने के लिये जरूरी है कि आय में वृद्धि बनी रहे। कोई भी नकारात्मक खबर बिकवाली बढ़ा सकती है। इसीलिए निवेशकों को सतर्क रुख रखते हुए अच्छी कंपनियों के शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। ”

रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति पर निर्णय शुक्रवार को करेगा। ऐसी उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक खुदरा मुद्रास्फीति में तेजी को देखते हुए नीतिगत दर को यथावत रख सकता है। एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग, तोक्यो और सोल लाभ के साथ बंद हुए जबकि शंघाई नुकसान में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा।

इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा का भाव 0.68 प्रतिशत बढ़कर 47.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इधर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे टूटकर 73.93 पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा दिन है जब रुपया नीचे आया है।(एजेंसी)