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  •  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा पत्र

मुंबई. निजी डॉक्टरों को कोरोना बीमा सुरक्षा कवच नहीं मिलने को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने नाराजगी जताई है. उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए.

 मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में ठाकरे ने कहा है कि मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है. इस संकट की घड़ी में डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी अपने जीवन की बाजी लगा कर काम कर रहे हैं. कुछ दिनों पहले ऐसी जानकारी सामने आई है कि सरकार ने निजी डॉक्टरों की जवाबदेही लेने से इंकार किया है.

डॉक्टरों का काम प्रसंशनीय 

पत्र में मनसे प्रमुख ने लिखा है कि दो दिन पहले निजी डॉक्टरों के एक शिष्टमंडल ने मुझसे मुलाकात की थी.कोरोना काल में निजी डॉक्टर किस तरह काम कर रहे हैं उसका अनुभव बताया. उनका काम प्रसंशनीय है, लेकिन सरकार की तरफ से किए गए भेदभाव की एक घटना बताई तो हमारा मन खिन्न हो गया. कोरोना का संक्रमण फैलने से सरकारी स्वास्थ्य सुविधा पर दबाव बढ़ने लगा.जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने सभी निजी दवाखाने, अस्पताल और पैथोलॉजी लैब को खोलने का आदेश दिया.  ठाकरे ने कहा कि हमारी जानकारी के मुताबिक राज्य के अधिकतर निजी सेवा के डॉक्टर और अन्य चिकित्सा कर्मचारी ने मरीजों की सेवा शुरु की.

राज ठाकरे ने किया सवाल 

 इसी बीच सरकार की तरफ से परिपत्र जारी किया गया कि सरकारी सेवा में हो या निजी सभी को बीमा कवच मिलेगा. कोविड से मौत होने पर उनके परिजन को 50 लाख रुपये की राशि दी जाएगी.लेकिन अब  मरीजों की सेवा के दौरान कोविड से मौत होने पर निजी डॉक्टर को बीमा की राशि देने से सरकार इंकार कर रही है.  राज ठाकरे ने यह भी सवाल किया है कि बीमा कवच केंद्र सरकार की योजना के तहत उपलब्ध है तो राज्य सरकार किस तरह मना कर रही है. उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार डॉक्टरों को उनकी जिम्मेदारी का तो एहसास करवा रही है, लेकिन खुद की जिम्मेदारी से मुकर रही है.