Outbreak in Mahavikas Aghadi, resentment in Congress growing with Sanjay Raut's statements

    मुंबई. उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर के पास स्कार्पियो गाड़ी में विस्फोटक रखने, सचिन वझे की गिरफ्तारी, मनसुख हिरेन की हत्या, गृहमंत्री अनिल देशमुख पर हर माह 100 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप जैसे अनेक मामलों को लेकर जहां विपक्ष आक्रामक है। वहीं सत्तारूढ़ महाविकास आघाड़ी दलों के बीच खटपट शुरु हो गई है। शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) के लोग भले ही यह दावा कर रहे हैं कि सरकार मजबूत है और पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेगी। लेकिन सच्चाई यह है कि आघाड़ी में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। 

    शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत (MP Sanjay Raut) के बोल ने कांग्रेस को नाराज कर दिया है। शिवसेना के एनसीपी प्रेम की वजह से कांग्रेस की नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) , प्रवक्ता सचिन सावंत (Sachin Sawant) और वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन (Muzaffar Hussain) ने अपनी नाराजगी खुल कर जताई है। शिवसेना के नेताओं को भी अधिक तवज्जो नहीं मिल रही है। सरकार के निर्णयों में युवासेना के पदाधिकारियों की चलने से वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है, लेकिन कोई खुल कर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

    शरद पवार को यूपीए अध्यक्ष बनाए जाने की मांग

    शिवसेना नेता संजय राउत ने एक बार फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार को यूपीए अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है। जिस पर कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि कई प्रादेशिक पार्टियों की मांग है कि यूपीए का अध्यक्ष कांग्रेस के बाहर का व्यक्ति हो। इस समय यूपीए विकट परिस्थिति में है। उसकी ताकत कम हो गयी है, अब जरुरत है कि यूपीए का नेतृत्व एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के हाथों में दे दी जाय।

    शिवसेना पहले यूपीए में आए, फिर अध्यक्ष पद के बारे में बोले

    कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि संजय राउत को विषय को छोड़ कर बात नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा है कि शिवसेना पहले यूपीए में आए, फिर अध्यक्ष पद के बारे में बोले। उन्होंने संजय राउत को सुनते हुए कहा है कि आप यूपीए अध्यक्ष के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ न कुछ लिखा जाना चाहिए इसलिए उन्हें मांग पर बार-बार बोलना पड़ता है। 

    अकारण बयान देकर विवाद को बढ़ाने की आवश्यकता नहीं

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने जय राउत के यूपीए अध्यक्ष बाबत बयान को हास्यास्पद करार दिया है। उन्होंने कहा है कि हास्यास्पद बयान देना संजय राउत की आदत बन गयी है।और इसी वजह से कई बार उन्हें मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है। शिवसेना यूपीए में नहीं है, फिर यूपीए का अध्यक्ष कौन होगा यह तय करने का अधिकार आप को कौन दे दिया?। दलवाई ने राउत को सलाह देते हुए कहा कि राज्य में तीन दलों की सरकार है, अकारण बयान देकर विवाद को बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। इसके पहले कांग्रेस मंत्रियों की बैठक हुई थी। उसमें भी सरकार को लेकर नाराजगी जतायी गयी थी। पार्टी की तरफ से अल्टीमेटम देने का प्रयास किया गया था कि यदि परिस्थितियों को संभाला नहीं गया तो कांग्रेस सरकार का हिस्सा नहीं रहेगी।