बेड की समस्या बरकार, 15000 अतिरिक्त बेड्स की दरकार

मुंबई. मुंबई में कोरोना से ग्रसित होने वालों की संख्या रोज बढ़ रही है. ऐसे में बेड्स की समस्या भी उत्पन्न हो रही है.आए दिन बेड न मिलने के कारण लोगों की मौत भी हो रही है तो घंटों मशक्कत के बाद कुछ को बेड मिल रहा है. मुंबई के बीएमसी और प्राइवेट अस्पतालों में लगभग 6200 बेड्स हैं, लेकिन शहर के डॉक्टरों की माने तो जिस हिसाब से मामले बढ़ रहे हैं आने वाले दिनों में कम से कम 15000 हजार बेड्स की और जरूरत पड़ेगी.

कोरोना बीमारी से मानो अब अस्पताल के सभी कर्मचारी परेशान हो चुके हैं. मुंबई के निजी अस्पतालों में करीब 1300 बेड्स और बीएमसी अस्पतालों में करीब 4900 बेड्स उपलब्ध है. जबकि मरीजों की संख्या 25000 के पार चली गई है. हालांकि इसमें से लगभग 7000  पेशेंट डिस्चार्ज हो चुके हैं, लेकिन अब भी 18 हजार मामले एक्टिव हैं. बीएमसी के कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने बताया कि बेड्स की काफी किल्लत हो रही है. न चाहते हुए मरीजों को घंटों कतार में रहना पड़ता ताकि उन्हें बेड मिल जाए. तीन से चार अस्पताल में घूमने के बाद कहीं जाकर मरीजों को बेड मिल रहे हैं.बेड्स की संख्या में निरंतर इजाफा किया जा रहा है लेकिन उससे कई गुना अधिक मरीजों की संख्या है.

7 दिन में 10 हजार बेड का टारगेट

बीएमसी उपकार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह ने बताया कि आने वाले 7 दिनों में हम अस्पतालों में बेड्स की क्षमता 6200 से बढ़ाकर 10000 करने वाले हैं.इसमें नेस्को, एमएमआरडीए और एनएससीआई का समावेश नहीं है, क्योंकि इन केंद्रों में बिना लक्षण वाले या सौम्य लक्षण वाले मरीजों को रखा जाता है.

कहां कितने बेड्स 

सेवन हिल्स- 950 बेड्स

नायर- 827 बेड्स

सायन- 430 बेड्स

केईएम- 404 बेड्स

कूपर- 120 बेड्स

ट्रामा केअर- 155 बेड्स

बांद्रा भाभा- 111 बेड्स