पीजी कर रहे डॉक्टर्स को राहत

  • अप्रैल तक थीसिस फ़ाइल करनी की महोलत

मुंबई. पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे राज्य के निवासी डॉक्टरों को बड़ी राहत मिली है. आमतौर पर पीजी कर रहे डॉक्टरों को दिसंबर में थीसिस फ़ाइल करनी होती है, लेकिन कोरोना महामारी और डॉक्टरों की व्यस्तता को देखते हुए अब उन्हें अप्रैल तक थीसिस सबमिट करने की महोलत दिए जाने की बात वैद्यकीय शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने कही.

मनपा और सरकारी अस्पताल में पोस्ट ग्रेजुएशन की आखिरी वर्ष की पढ़ाई कर रहे निवासी डॉक्टर मार्च से ही कोरोना ड्यूटी में लगे हुए हैं. ऐसे में उन्हें थिसिस फ़ाइल करने के लिए उन्हें समय नहीं मिला है. महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर्स (मार्ड) की विभिन्न समस्या को लेकर आज वैद्यकीय शिक्षा मंत्री ने बैठक बुलाई थी. मार्ड के उपाध्यक्ष डॉ. सतीश तांदले ने बताया कि आमतौर पर हमें दिसंबर में थीसिस सबमिट करनी होती है. प्रत्येक डॉक्टर अलग-अलग विषय पर थीसिस करते है जैसे  हार्ट, लिवर, किडनी और अन्य बीमारी पर अध्ययन करता है. कोरोना के कारण सभी अस्पताल और मेडिकल कॉलेजे कोविड में तब्दील हो गए ऐसे में अन्य बीमारी से जूझ रहे मरीजों की संख्या काफी कम हो गई. केसेस कम होने के कारण थीसिस कम्पलीट होना नामुकिन हो गया था, इसलिए हमने बैठक में इस समस्या को सबके समक्ष रखा. 

15 अक्टूबर से मेडिकल की पढ़ाई शुरू

मंत्री अमित देशमुख ने सकारात्मक दिखाते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंस से बात करेंगे और अप्रैल तक थीसिस सबमिट करने का समय विद्यार्थियों को दिए जाने की बात कही. इसी के साथ लगातर 6 महीने से ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों को छुट्टी देने की बात कही. ताकि वे अपने परिवार से मिल सके. 15 अक्टूबर से मेडिकल की पढ़ाई शुरू किए जाने की बात भी अमित देशमुख ने कही.