आईसीयू बेड्स की किल्लत शुरू

  • सोमवार को निजी और बीएमसी अस्पताल में केवल 88 बेड्स उपलब्ध

सूरज पांडेय 

मुंबई. मुंबई में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनती जा रही है. गंभीर रोगियों की दिक्कत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि सोमवार को निजी और बीएमसी अस्पताल में मात्र 88 आईसीयू बेड्स उपलब्ध थे. विगत एक सप्ताह से जिस रफ्तार से मुंबई में मामले बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए लग रहा है कि एक बार फिर आईसीयू बेड्स की किल्लत होगी. निजी अस्पतालों में तो आईसीयू बेड्स फुल हैं और मरीज वेटिंग में हैं.

अप्रैल और मई महीने में मुंबई में रोजाना 1500 से 2000 नए मामलों की पुष्टि हो रही थी. कई गंभीर मरीजों को आईसीयू बेड्स भी नसीब नहीं हुआ. बीएमसी और निजी अस्पतालों ने बेड्स में वृद्धि भी की ताकि मरीज और बेड्स के बीच के गैप को भरा जा सके. 

मुंबई में कुल 1417 आईसीयू बेड्स 

बीएमसी से मिले आंकड़े के अनुसार मुंबई में कुल 1417 आईसीयू बेड्स हैंं. सोमवार को 1321 बेड्स पर मरीजों का इलाज चल रहा है. मुंबई में विगत एक सप्ताह से रोजाना 2000 से अधिक मामले आ रहे हैं. डॉक्टरों की माने तो कुल मरीजों में से 8 से 10 प्रतिशत मरीज गंभीर होते हैं. ऐसे में आगे चलकर आईसीयू बेड्स की किल्लत हो सकती है. मनपा अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि ज्यादातर सीरियस पेशंट मुंबई के बाहर से आ रहे हैं. ऐसे में मुंबई के साथ-साथ एमएमआर के मरीजों का बोझ भी हमारे अस्पतालों पर आ रहा है.

जंबो कोविड सेंटर्स में आईसीयू बेड्स बढ़ाने की आवश्यकता

मनपा अस्पतालों के पूर्व निदेशक और खार हिंदुजा के निदेशक डॉ. अविनाश सुपे ने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देख जंबो कोविड सेंटर्स में आईसीयू बेड्स बढ़ाने की आवश्यकता है. गौरतलब है कि मनपा ने हाल ही में लगभाग 60 से 70 निजी अस्पतालों को कोविड से नॉन कोविड किया था.वर्तमान में 30 निजी अस्पताल हैंं जो कोविड मरीजों की ट्रीटमेंट कर रहे हैं.

बीएमसी को नीति में बदलाव करने की जरूरत

जलसोक अस्पताल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ और सरकार द्वारा स्थापित की गई कोरोना कमिटी के सदस्य डॉ. ओम श्रीवास्तव ने कहा कि आईसीयू बेड्स की किल्लत शुरू हो चुकी है. मरीजों की संख्या एक बार फिर बढ़ रही है. ऐसे में बीएमसी को नीति में बदलाव करने की जरूरत है. माहिम स्थित पीडी हिंदुजा अस्पताल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जोय चक्रवर्ती ने कहा कि हमारे पास 26 आईसीयू बेड्स हैंं और सभी फुल हैंं.पिछले दो सप्ताह से आईसीयू बेड्स फुल हैं.

आईसीयू के लिए वेटिंग में मरीज

लीलावती अस्पताल के फेफड़े रोग के विशेषज्ञ और कोरोना कमिटी के सदस्य डॉ. जलील परकार ने कहा कि यदि हम अपनी गलतियों से सीख नहीं लेते हैं तो हमारा ही नुकसान है.बीएमसी को निजी अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित कर चर्चा करनी चाहिए. सोमवार को हमारी वेटिंग लिस्ट 15 थी. हिंदुजा में सोमवार को 9 मरीज वेटिंग में थे. नानावटी, जसलोक सहित अन्य अस्पतालों में भी मरीज वेटिंग लिस्ट में थे. मनपा के कई अस्पतालों में भी आईसीयू बेड्स फुल थे.