वसई-विरार मनपा चुनाव की सुगबुगाहट

  • वार्ड रचना को लेकर 17 आपत्तियों व सुझावों पर सुनवाई

राधा कृष्णन सिंह

विरार. वसई- विरार शहर महानगरपालिका चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है. हाल ही में मंत्रालय से आए अधिकारियों ने मनपा का दौरा कर वार्ड रचना को लेकर लोगों की 17 आपत्तियों पर सुनवाई की. उल्लेखनीय है कि  मनपा का कार्यकाल  28 जून 2020 को ही  समाप्त हो गया था. इस बीच कोरोना के कारण चुनाव को टाल दिया गया. ऐसे में मनपा के कार्यों को अमल में लाने की जिम्मेदारी कमिश्नर गंगाधरन देवराजन निभा रहे हैंं. जबकि नियमानुसार चुनाव न होने और बोर्ड का गठन न होने की स्थिति में जिस प्रशासक की नियुक्ति की जाती है, उसका कार्यकाल महज 6 माह का ही होता है. 

28 जून को हो गया कार्यकाल समाप्त

ऐसे मेंं 28 जून से 28 दिसंबर तक प्रशासक की अवधि है. तत्श्चात प्रशासक की पुनः नियुक्ति तार्किक नहीं रह जाती. हालांंकि सरकार अपने किसी विशेष अधिकार का प्रयोग कर प्रशासक का कार्यकाल बढ़ा दे, प्रशासक की पुनः नियुक्ति शायद फिर हो सके, लेकिन इसकी उम्मीद कम ही नजर आ रही है.

 कोरोना के कारण टाला गया चुनाव

वसई- विरार मनपा में आगामी कुछ माह में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो सकती है. क्योंकि मार्च महीने में वार्ड आरक्षण की लॉटरी निकाले जाने के बाद उस पर दर्ज आपत्तियों पर सुनवाई मार्च में ही होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इसे टाल दिया गया था. जिसे अब शुरू किया गया है. कयास लगाया जा रहा है कि यह हलचल आगे चलकर चुनावी प्रक्रिया के रूप में बदल जाएगी.

प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक

 बता दें कि शुक्रवार को मंत्रालय से प्रशासनिक अधिकारी संजय मीणा की अध्यक्षता में मनपा आयुक्त गंगाधरण डी, अविनाश सणस, उप-आयुक्त राज्य चुनाव आयोग, अतुल जाधव, अपर सचिव, विभागीय आयुक्त  प्रतिनिधि पंकज देवरे, उप-आयुक्त (पुनर्वसन) कोकण भवन, जिलाधिकारी कार्यालय प्रतिनिधि संदीप कलंबे, उपजिला चुनाव अधिकारी पालघर की उपस्थिति मेंं सुनवाई शुरू की गई. जिसमें कुल 17 आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई हुई. इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जानी है. इस पर अंतिम फैसला राज्य चुनाव आयोग को लेना है.   फिलहाल चुनाव के बारे मेंं किसी भी तरह की अधिसूचना या कोई आदेश जारी नहीं हुआ है.