डॉक्टर दंपति से मांगी 1 करोड़ की फिरौती, बच्चों को दी थी मारने की धमकी, महिला गिरफ्तार

    नागपुर. शहर में इन दिनों अजीबोगरीब घटनाएं सामने आ रही हैं. संपन्न परिवार से ताल्लुक रखने वाली एक महिला ने पैसे के लालच में वह काम कर दिया जो किसी ने सोचा भी नहीं होगा. डॉक्टर दंपति को पत्र लिखकर बच्चों को मारने की धमकी दी. उनकी जान बख्शने के लिए 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. लगातार बेलतरोड़ी पुलिस जांच में जुटी हुई थी और 5 दिनों की मेहनत के बाद आखिर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया.

    पकड़ी गई महिला मनीषनगर निवासी शीतल इटनकर (46) बताई गई. वह फैशन डिजाइनिंग करती थी लेकिन कुछ समय से खाली थी. पति मनीष इटनकर बीएसएनएल में अधिकारी हैं. पुलिस ने पायोनियर पार्क, सोमलवाड़ा निवासी डॉक्टर तुषार सदाशिव पांडे (48) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. तुषार की पत्नी भी डॉक्टर हैं. दोनों मनीषनगर की जयहिंद सोसाइटी में उत्कर्ष मैटरनिटी होम चलाते हैं. 11 जून की शाम उन्हें एक कुरियर मिला.

    इसमें धमकी भरा खत था जिसमें परिवार की पूरी जानकारी होने की बात लिखी थी. 2 बच्चों की जान की एवज में 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी. तुषार ने मामले की शिकायत बेलतरोड़ी पुलिस से की. पत्र पढ़कर यह तो समझ आ गया था कि कोई पेशेवर गैंग नहीं है लेकिन शहर में हुई अन्य घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से लिया गया.

    पुलिस ने पहले कुरियर कंपनी में छानबीन की. वहां के सीसीटीवी बंद पड़े थे. अलग-अलग स्थानों के फुटेज चेक करने के बाद भी पुलिस को केवल मोपेड पर (9593) नंबर दिखाई दिया. इस नंबर से गाड़ी के मालिक को ढूंढना कठिन था. 

    5 दिन से दिन-रात जांच में जुटी थी पुलिस

    फुटेज खंगालते हुए यह पता चला गया कि वाहन वापस मनीषनगर परिसर में आया है. इसके बाद पुलिस की असली कसरत शुरू हुई. आरोपी को कोई भनक न लग पाए इसीलिए पुलिस ने रात के समय पेट्रोलिंग के बहाने अलग-अलग इलाकों में घरों के सामने खड़े वाहनों की जांच शुरू की. मंगलवार की रात पुलिस को वाहन दिखाई दिया और बुधवार की सुबह पुलिस ने शीतल को गिरफ्तार कर लिया.

    डीआईजी दिलीप झलके, सुनील फुलारी, डीसीपी अक्षय शिंदे और एसीपी नीलेश पालवे के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर विजय अकोत, सब- इंस्पेक्टर विकास मनपिया, हेड कांस्टेबल तेजराम देवले, अविनाश ठाकरे, रणधीर दीक्षित, शैलेष बड़ोदेकर, मिलिंद पटले, वंदना लोटे, गोपाल देशमुख, कमलेश गणेर, बजरंग जुनघरे, नितिन बावने, प्रशांत सोनुलकर, राजेंद्र नागपुरे, कुणाल लांडगे, साइबर विभाग के कांस्टेबल दीपक तार्हेकर और मिथुन नाईक ने कार्रवाई की.

    पति-पत्नी का किया था कोविड इलाज

    शीतल और उसका परिवार डॉ. तुषार और उनकी पत्नी से इलाज ले चुके हैं. कोविड के दौरान भी शीतल और उनके पति का इलाज तुषार ने किया था. इस वजह से वह तुषार को जानती थी. तुषार सोशल मीडिया पर अपने परिवार की फोटो अपलोड करते थे. इससे उसे बच्चों के बारे में भी जानकारी मिल गई. आसानी से पैसा कमाने के लालच में उसने फिरौती वसूलने की योजना बनाई. उसने धमकी भरे पत्र में लिखा था कि 17 जून की सुबह 4 बजे पैसों से भरी बैग मनीषनगर में ही एक खाली प्लॉट पर रखनी है.

    पुलिस को बताने की जुर्रत न करें. साथ ही कोई ट्रैकर बैग में मिला तो उसके लोग कभी भी परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं. पुलिस ने 17 जून के हिसाब से पूरी तैयारी कर ली थी. कहां-कहां ट्रैप लगाया जाना है. कहां-कहां लोग छिपे रहेंगे यह सब तय हो चुका था लेकिन उसके पहले ही बेलतरोड़ी पुलिस ने शीतल को ढूंढ निकाला. उसने बताया कि यह केवल मजाक था लेकिन कोई ऐसा मजाक क्यों करेगा.