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नागपुर. वनदेवीनगर परिसर में बुधवार की दोपहर 12 वर्ष की बच्ची नाले में गिर गई. पानी का बहाव तेज होने के कारण वह बह गई. कड़ी मशक्कत के बाद भी अग्निशमन दल को उसकी लाश नहीं मिली. इस घटना को लेकर परिसर के नागरिकों में रोष है. मृतक संगमनगर निवासी सलेहा मुस्कान सलीम अंसारी बताई गई. सलेहा की मां शफीकुनिसा मजदूरी करके अपना घर चलाती है. बुधवार की सुबह शफीकुनिसा काम पर गई थी. बच्चों को पैसे की जरूरत थी.

इसीलिए बड़ी बहन जवेरिया फरहत के साथ मुस्कान मां से पैसे लेने गई थी. वनदेवीनगर परिसर में पिछले 3 वर्षों से नाले की पुलिया का निर्माण चल रहा है. इस वजह से 2 बस्तियों को जोड़ने के लिए बड़ी पाइप लाइन से लगकर 3 फुट चौड़ा लोहे का पुल तैयार किया गया. परिसर के सभी नागरिक इस पुल से ही जाना आना करते है. 

बहन की आंखों के सामने बह गई 
मां से मिलकर लौटते समय मुस्कान और जवेरिया बातचीत करते पुलिया पार कर रहे थे. अचानक मुस्कान का संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में गिर गई. इस समय पानी का बहाव काफी तेज था. जवेरिया ने मदद के लिए शोर मचाया. पास बैठे एक युवक ने नाले में छलांग लगाई लेकिन बहाव तेज होने के कारण वह किनारे पर लौट गया. घटना की जानकारी पुलिस को दी गई.

स्थानीय लोगों ने नाले में उतरकर उसकी तलाश शुरु की, लेकिन कुछ पता नहीं चला. यशोधरानगर पुलिस ने अग्निशमन ‍विभाग को सूचना दी. तुरंत दमकल विभाग की टीमें परिसर में दाखिल हुई. मुस्कान को ढूंढने का काम शुरु कर दिया. नाव के जरिए आस-पास के पूरे परिसर में छानबीन की गई लेकिन मुस्कान नहीं मिली. देखते ही देखते पूरे इलाके में खबर फैल गई. 

प्रशासन की ढिलाई, नागरिकों में रोष 
बड़ी संख्या में नागरिक जमा हो गए. नागरिकों का कहना है कि प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण यह हादसा हुआ है. नाले पर 3 वर्ष से पुलिया का काम चल रहा है. बीच-बीच में काम बंद हो जाता है. नागरिकों को बताया गया था कि 6 महीने में पुल का काम पूरा हो जाएगा, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ है. नागरिकों की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी पाइप के बाजू से लोहे का प्लेटफार्म बनाकर एक छोटा पुल बना दिया. पैदल जाने वाले इस पुल का उपयोग करते है.

इस पुल की चौड़ाई महज 3 फुट है. सुरक्षा के लिए रेलिंग तक नहीं लगी है. 2 वर्ष पहले भी एक 8 वर्ष का बालक इसी तरह नाले में डूबा था. उसकी लाश तक नहीं मिली थी. प्रशासन के ढीले काम के चलते यहां हादसे हो रहे है. जल्द से जल्द पुलिया का निर्माणकार्य पूरा होना चाहिए, अन्यथा नागरिक आंदोलन करेंगे.