कुछ नहीं मिला तो कैब चालक को लूटा, 3 घंटे के भीतर धरे गए आरोपी

    नागपुर. अपराधियों की टोली ने सेंधमारी की वारदातों को अंजाम देने के लिए ओला कैब बुक की. चालक को हथियार की नोक पर शहर भर घुमाते रहे. कुछ हाथ नहीं लगा तो कैब चालक को ही लूट लिया और उसका वाहन छीनकर भाग निकले. घटना की जानकारी मिलते ही कलमना पुलिस जांच में जुट गई. 3 घंटे के भीतर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों में आजाद कॉलोनी, बड़ा ताजबाग निवासी मोहम्मद दानिश मोहम्मद मतीन (21), चामट चक्की चौक, दिघोरी निवासी मोहम्मद जावेद मोहम्मद आमिद (18) और 17 वर्षीय नाबालिग का समावेश है. दानिश हिस्ट्री शीटर है. उसके खिलाफ लूटपाट, डकैती और चोरी के मामले दर्ज है. जावेद का भी आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस खंगाल रही है. पुलिस ने शंभूनगर, नारा रोड निवासी शुभम अनिल रामटेके (24) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. शुभम ओला कैब चलाता है. शनिवार की रात वह काम पर निकला था. रात 9.30 बजे के दौरान जावेद ने कैब बुक की. पिकअप प्वाइंट मोक्षधाम था.

    चाकू की नोक पर शहर घुमाया

    शुभम सवारी लेने के लिए निकला ही था कि जावेद ने रामबाग बुलाया. शुभम ने बुकिंग रद्द कर दी. इसके बाद दोबारा जावेद ने कैब बुक की और शुभम रामबाग पहुंचा. वहां तीनों आरोपी कैब में सवार हुए. कुछ दूर जाते ही आरोपियों ने शुभम की गर्दन पर चाकू लगा दिया. जहां बताया जाए वहां चुपचाप चलने को कहा गया. डर के मारे शुभम उन्हें कैब में घूमाता रहा. रात के 3 बज चुके थे. शुभम ने आरोपियों को उसे छोड़ने को कहा. आरोपियों ने उसे पिछली सीट पर बैठा दिया और खुद गाड़ी चलाने लगे. मानेवाड़ा बेसा रोड होते हुए मनीषनगर और प्राइड होटल के पीछे निर्जन स्थानों पर ले गए. वहां बंद घरों की तलाश करते रहे लेकिन कहीं हाथ मारने का मौका नहीं मिला. 

    दिघोरी में पुलिस ने दबोचा 

    इसके बाद आरोपी वाठोड़ा रिंग रोड होते हुए पारडी से एचबी टाउन ले गए. वहां आरोपियों ने शुभम को डरा-धमकाकर जेब से 1,000 रुपये निकाल लिए. उसे नीचे उतारा और गाड़ी लूटकर भाग निकले. शुभम ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी. कलमना पुलिस जांच में जुट गई. आरोपियों का नंबर शुभम के पास था. उसके नंबर और कार के जीपीएस लोकेशन ट्रेस करते हुए आरोपियों का पीछा शुरू किया. महज 3 घंटे के भीतर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दिघोरी परिसर में गिरफ्तार किया. डीसीपी नीलोत्पल और एसीपी रोशन पंडित के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर विश्वनाथ चव्हाण, पीएसआई अनिल इंगोले, मुकुंद जाधव, दिगांबर दहीफले, विवेक झिंगरे, मनोज राऊत, दिलीप जाधव, चंद्रशेखर यादव, प्रशांत गभने और प्रफुल्ल ने कार्रवाई को अंजाम दिया.