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    • 3 महीनों ने लेआउट्स का नियमितीकरण ठप
    • 2 वर्ष पूर्व नासुप्र ने मनपा को दिया था साफ्टवेयर

    नागपुर. बीते करीब 3 महीनों से मनपा और एनआईटी में नागरिकों के गुंठेवारी लेआउट के नियमितीकरण के कार्य और इमारतों के नक्शे आदि के कार्य ठप पड़े हुए हैं. नागरिकों को एनआईटी से मनपा भेजा जाता है और मनपा से एनआईटी के चक्कर लगवाये जा रहे हैं. नागरिक परेशान हो गए हैं. इस संदर्भ भाजपा विधायक कृष्णा खोपड़े ने जब एनआईटी अधिकारियों से जवाब मांगा तो एनआईटी के अधीक्षक अभियंता ने उन्हें लिखित जानकारी दी कि राज्य सरकार के 27 अगस्त 2019 के निर्णय के अनुसार नागपुर सिटी के गुंठेवारी अंतर्गत आने वाले लेआउट्स अभिलेख मनपा को हस्तांतरित किया गया था. उस समय एनआईटी ने गुंठेवारी के लिए उपयोग होने वाले गुंठेवारी साफ्टवेयर प्रोग्राम मनपा को दिए थे. अब जब एनआईटी की बर्खास्तगी नहीं हो रही है तो गुंठेवारी निपटारा के लिए उस साफ्टवेयर की जरूरत है. अधिकारी का कहना है कि मनपा द्वारा वह साफ्टवेयर ही नहीं लौटाया जा रहा है. जब तक वह साफ्टवेयर नहीं मिलता तब तक एनआईटी गुंठेवारी की कार्यवाही शुरू नहीं कर सकती. 

    7 स्कीमें ही होंगी हस्तांतरित

    तत्कालीन भाजपा सरकार ने एनआईटी की बर्खास्तगी प्रक्रिया के चलते एनआईटी को उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले लेआउट्स व स्कीमों को मनपा को हस्तांतरित करने का आदेश दिया था जिसके चलते ही उक्त प्रक्रिया शुरू हुई थी. अब मविआ सरकार ने एनआईटी को बरकरार रखने का निर्णय लिया और 9 अप्रैल 2021 के निर्णयानुसार मनपा को हस्तांतरित अभिन्यासों को वापस एनआईटी को हस्तांतरित करने का आदेश हुआ. हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं होने के चलते ही नागरिकों को एनएमसी और एनआईटी के बीच झूला झुलाने का काम किया जा रहा है जिससे नागरिक परेशान हो रहे हैं. उस पर भी मनपा ने 7 स्कीम अंतर्गत आने वाले गुंठेवारी अभिन्यास का ही एनआईटी को हस्तांतरित करने का निर्णय लेने की जानकारी अधीक्षक अभियंता ने दी है. शेष गुंठेवारी मनपा अपने पास रखेगी. एनआईटी का कहना है अब तक मनपा से उसका गुंठेवारी साफ्टवेयर प्राप्त नहीं होता वह कार्य शुरू नहीं कर सकती.

    निष्क्रियता की हो गई हद 

    2 अथॉरिटी के अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते बीते 3 महीनों से सिटी के नागरिकों के प्लाट्स नियमितीकरण, नक्शे आदि के कार्य अटका दिए गए हैं. यह तो उदासीनता की हद हो गई. अधिकारी जनता की समस्या के प्रति गंभीर ही नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर मनपा आयुक्त ध्यान नहीं दे रहे हैं, यह आश्चर्य की बात है.