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    नागपुर. अब जिले में कोरोना की तीव्रता लगातार कम होती जा रही है. हालात सामान्य होने लगे हैं. संडे को जिले में 357 नये पॉजिटिव मरीज मिले जिसमें से 220 सिटी के और 132 ग्रामीण भागों के हैं. वहीं 5 जिले के बाहर के हैं. इन नये पॉजिटिव को मिलाकर अब तक जिले में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4.74 लाख से ऊपर हो गई हैं लेकिन इनमें से अब तक 4.59 लाख के करीब स्वस्थ भी हो चुके हैं. दैनिक संक्रमितों की संख्या में काफी गिरावट आ गई है जिससे स्वास्थ्य यंत्रणा और प्रशासन राहत महसूस कर रहा है.

    संडे को जिले में कुल 13 लोगों की मौत कोरोना से हुई इसमें 5 सिटी के और 3 ग्रामीण भागों के हैं. वहीं 5 जिले के बाहर के हैं. इन्हें मिलाकर अब तक 8,892 कोरोना की बलि चढ़ चुके हैं. इसमें 5,237 सिटी के और 2,287 ग्रामीण भागों के हैं. दैनिक में जांच में पॉजिटिव आने वालों का प्रतिशत संडे को 2.5 प्रतिशत रहा. बता दें कि अप्रैल महीने के पीक समय में यह प्रतिशत 30 प्रतिशत से ऊपर चल रहा था. हालात बेकाबू हो गए थे. लोगों को अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहे थे.

    96.70% हुआ रिकवरी रेट

    कोरोना के नये संक्रमितों की संख्या घटने और दैनिक स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक होने से अब रिकवरी रेट भी उत्साहजनक हो गया है. संडे को जहां 357 संक्रमित पाये गए वहीं उससे लगभग 3 गुना 1,041 संक्रमित स्वस्थ होकर अपने घरों को लौटे हैं. जिसके चलते रिकवरी रेट अब 96.70 प्रतिशत पर पहुंच गया है. यह बेहद उत्साहजनक है. जब कोरोना की सेंकड वेव बेकाबू हो गई थी तब जिले का रिकवरी रेट 73 प्रतिशत तक उतर आया था. रोजाना 100 के करीब लोगों की मौत इससे हो रही थी, 7-8 हजार के करीब रोज ही पॉजिटिव मिल रहे थे. संडे को विविध लैब्स से 14,037 स्वैब टेस्ट की रिपोर्ट आई जिसमें से 357 पॉजिटिव आए हैं.

    अस्पतालों का बोझ हो गया कम

    कोविड अस्पतालों का बोझ अब काफी कम हो गया है और संक्रमितों को आसानी से बेड भी मिल रहे हैं. संडे को जिले में 6,781 एक्टिव केस होने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई. इसमें 4,073 सिटी के और 2,708 ग्रामीण भागों के हैं. इनमें 2,273 का विविध अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में उपचार चल रहा है. वहां 4,508 होम क्वारंटाइन होकर अपना उपचार करवा रहे हैं. भले ही जिले में कोरोना की तीव्रता कम हो गई हो लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है. प्रशासन व डॉक्टरों द्वारा अभी भी बार-बार अपील की जा रही है कि कोविड-19 के प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करें. सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क अनिवार्य है. अगर इसमें कोताही बरती गई तो सिटी सहित जिले में दोबारा कोरोना की लहर कहर ढा सकती है.