येवला उपजिला अस्पताल के सभी विभाग शुरू

कर्मचारियों के कोरोना बाधित होने से बंद रखा गया था अस्पताल 

येवला. येवला शहर और तहसील के कोरोना मुक्त हो जाने से स्थानीय प्रशासन के साथ स्वास्थ्य यंत्रणा भी चिंता मुक्त हो गई है. शहर के ग्रामीण उपजिला अस्पताल में सभी विभाग शुक्रवार 22 मई से नियमित रूप से शुरू कर दिये गए हैं, जिससे अब गरीबों को होने वाली असुविधा पर रोक लग गई है. येवला की चिकित्या यंत्रणा ही कोरोना बाधित हो जाने से शहर में चिंता का वातावरण बन गया था.

मालेगांव कनेक्शन रखने वाली महिला के संपर्क में आए येवला ग्रामीण उपजिला अस्पताल के 10 कर्मचारी कोरोना बाधित हो गए थे. इसके लिये सुरक्षा को देखते हुए येवला ग्रामीण उपजिला अस्पताल को सेनेटाइज करने और सफाई के उद्देश्य से बंद कर दिया गया था. लेकिन कोरोना बाधितों की संख्या बढ़ते रहने के कारण मरीजों का आना रोज लगा हुआ था, जिन्हें निजी अस्पतालों में भेज दिया जाता था.

अब स्टाफ के सभी कोरोना बाधित सदस्य ठीक हो गए हैं और अस्पताल के सभी विभाग फिर से शुरू कर दिये गए हैं. अस्पताल में रोज होने वाली ओपीडी भी शुरू कर दी गई है. अस्पताल में डॉक्टर समय पर मरीजों की जांच करने के लिये तैयार हैं. चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलजा कुप्पास्वामी ने कहा कि शुक्रवार से अस्पताल के सभी विभाग जैसे ओपीडी, लस विभाग, प्रसूति विभाग फिर से शुरू कर दिये गए हैं. पूरे अस्पताल को सेनेटाइज करके साफ कर दिया गया है. इसलिये येवलावासी अब उपजिला अस्पताल का पूरा लाभ ले सकते हैं.