नहीं पहना मास्क, 20 हजार लोगों पर कार्रवाई

नाशिक. कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहा है. शहर में सर्दी का प्रकोप हर दिन बढ़ता जा रहा है. ऐसे में कोरोना की दूसरी लहर आने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है. दूसरी ओर नाशिक वासियों ने कोरोना से बचाव के लिए योजनाओं और सावधानियों का पालन करना छोड़ दिया है.

पुलिस आयुक्तालय हद में सार्वजनिक जगहों पर आने-जाने पर मास्क का उपयोग अनिवार्य है. मास्क का उपयोग ना करने वाले 20 हजार बेफिक्र नाशिककरों पर अब तक पुलिस ने कार्रवाई की है. कोरोना से बचाव के लिए सभी जगहों पर आते जाते हुए मास्क लगाना जरूरी है. मास्क ना लगाने, सामाजिक अंतर ना बनाने के नियमों का उल्लंघन करना, सार्वजनिक जगहों पर खुलेआम थूकते पाए जाने पर पुलिस थानों में गुनाह दर्ज किए जा रहे हैं. शहर में अब तक कुल 20 हजार लोग मास्क का उपयोग सार्वजनिक जगहों ना करते हुए पाए गए हैं.

मास्क ही कोरोना की दवा

कोरोना का सामना करने के लिए ‘मास्क ही दवाई’ ऐसा सरकार और प्रशासन की ओर से बार-बार कहा जा रहा है लेकिन मास्क के उपयोग को लेकर नागरिकों में लॉकडाउन स्थिर होने के बाद से लगातार लापरवाही देखी जा रही है. शहर और आसपास के इलाकों में कोरोना के मरीज नहीं मिल रहे हैं, ऐसा नहीं है. इसलिए कोरोना से बचाव के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय योजनाओं का उल्लंघन करना नागरिकों को महंगा पड़ सकता है. इसलिए नागरिक भीड़भाड़ की जगह पर विशेष रूप से सार्वजनिक जगहों पर घूमते हुए मास्क का उपयोग जरूर करें. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखें. ऐसा आह्वान पुलिस आयुक्त दीपक पांडे ने किया है.