कर्ज से तंग आकर किसान ने की आत्महत्या

  • 6 माह पहले बेटे ने भी की थी आत्महत्या

दिंडोरी. तहसील के कोराटे में दिगंबर वामन कदम नामक किसान ने लगातार फसलों के खराब होने और कर्ज से तंग आकर ज़हर पीकर आत्महत्या कर ली. प्राप्त जानकारी के अनुसार दिंडोरी तहसील के गट नंबर 308 में अपने खेत में रहने वाले किसान दिगंबर वामन कमद के बेटे ने 6 माह पहले अंगूर के बाग के फल को 5 रुपए दाम मिलने से आत्महत्या कर ली थी.

उसके पहले कदम ने अपनी 3 बेटियों की शादियां की है, जिसका कर्ज वह अब तक नहीं चुका पाया था. कदम का एक बेटा दत्तात्रय फौज में गुजरात बॉर्डर पर तैनात है. कदम ने फसल न आने के कारण अपना अंगूर का बाग तोड़ दिया था. खेत से किसी भी प्रकार का उत्पन्न ना होने के कारण उसे बेटा गंवाना पड़ा था. जीवन का कोई उपयोग नहीं, ऐसा विचार वह हमेशा करता रहता था. रात में खाना खाकर वह अपने घर से बाहर निकला. रात भर घर ना लौटने से घर वालों ने उसकी तलाश शुरू की दी. जिस जगह पर बेटे बापू कदम ने आत्महत्या की थी, ठीक उसी जगह पर पत्नी सुशीला को दिगंबर कदम सोई हुई अवस्था में दिखाई दिया. उसके पास ज़हर की बोतलें पड़ी हुई थीं. वहां मौजूद लोगों ने उसे तुरंत दिंडोरी ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया.

कदम की स्थिति चिंताजनक होने से उसे नाशिक ग्रामीण अस्पताल भेज दिया गया, लेकिन उपचार की दौरान उसकी मौत हो गई. बताया जाता है कि उसपर विविध कार्यकारी सहकारी सोसायटी का 3.5 लाख और सेंट्रल बैंक का भी कर्ज था. दिगंबर कदम के परिवार में उसकी पत्नी सुशीला, 3 बेटियां हैं. कर्ज से तंग आकर 6 माह के दौरान बाप और बेटे दोनों ने आत्महत्या कर ली, जिससे गांव और आसपास के इलाकों में हलचल मची हुई है.