rakesh tikait

    चंडीगढ़: पंजाब के मलोट शहर में भाजपा (BJP) विधायक अरुण नारंग (Arun Narang) के साथ की गई बदसलूकी और भाजपा कार्यालय में आगजनी को लेकर आंदोलन कर रहे किसान संगठन (Farmer Organizations) बैकफूट पर आ गये है। इस घटना को लेकर किसान आंदोलन और पंजाब सरकार () की आलोचना हो रही है। इसी को लेकर भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने बयान देते हुए इसे आंदोलन को बदनाम करने की साजिस बताया है।

    टिकैत ने कहा, ” पंजाब के मुक्तसर में एक भाजपा विधायक की पिटाई करने में हमारे लोग शामिल नहीं थे। हमारे लोगों ने काले झंडे दिखाए लेकिन इस घटना में शामिल नहीं थे। इसके विपरीत, यह उनके लोगों द्वारा किसानों को बदनाम करने के लिए किया गया था।”
     

    भाजपा ने निकाला विरोध मार्चा 

    विधायक नारंग पर पुलिस की मौजूदगी में हुए इस हमले को लेकर भाजपा में बेहद नाराजगी है। इसी को लेकर भाजपा के विधायकों और कार्यक्रतों ने मुख्यमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकला। इस दौरान भाजपा के विधायकों ने अपनी कमीज उतार कर अपना विरोध दर्ज किया। साथ ही मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का इस्तीफा भी माँगा। 
     
    पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा, “क्या विपक्षी पार्टी (भाजपा) को अपना विचार रखने का अधिकार नहीं है।” मुक्तसर की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। हमने कभी भी लोकतंत्र को इस तरह शर्मसार करते हुए नहीं देखा। अरुण नारंग की क्या गलती थी? वह राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर करने वहां गए थे।”