Lord Jagannath's Rath Yatra was banned this year too

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. भगवान जग्गनाथ (Lord Jagannath) की रथयात्रा (Rath Yatra) इस वर्ष भी प्रतिबंधित (Banned) रहा।  कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते इस बार भी लाखों श्रधालुओं को रथयात्रा में शामिल होने से वंचित रहना पड़ा।  झारखंड (Jharkhand) स्थित भगवान जग्गनाथ की रथयात्रा आज के ही दिन प्रतिवर्ष निकाली जाती है।  जिसमे लाखों श्रद्धालु शामिल होते है।  सैकड़ों भक्तगण भगवान के रथ को खीचते हुए मुख्य मंदिर से मौसीवाड़ी (Mausiwadi) तक ले जाते है। 

    झारखंड सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण की संभावना को देखते हुए पिछले वर्ष रथयात्रा की अनुमति नहीं दी गयी थी।  इस वर्ष जून माह तक कोरोना की नियंत्रित स्थिति को देखते हुए भक्तजनों में इस बार रथयात्रा को लेकर उत्साह देखा जा रहा था पर झारखंड सरकार द्वारा इस वर्ष भी रथयात्रा पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा किये जाने के बाद श्रधालुओं को निराश होना पड़ा।  

    उड़ीसा और झारखंड में भगवान जग्गनाथ का विशाल ऐतिहासिक मंदिर अवस्थित है जहाँ भगवान जग्गनाथ, सुभद्रा और बलराम की मूर्ति स्थापित है प्रतिवर्ष दोनों राज्यों के मंदिर प्रांगन में रथयात्रा निकालने की परंपरा है इस अवसर पर भव्य मेला भी लगता है जहाँ हजारों की भीड़ होती है और आवश्यकता की सभी सामानों की बिक्री होती है। 

    कोरोना संक्रमण की सम्भावना को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस वर्ष भी रथयात्रा नहीं निकालने का निर्णय लिया और  धुर्वा  स्थित जग्गनाथ  मंदिर पहुंचे। जहाँ  मुख्य मंदिर का पट बंद रहने के कारण बाहर द्वार से ही शीश झुका कर भगवान से प्रार्थना की। मौके पर मंदिर के पुजारी ने गर्भगृह के बाहर ही विधि-विधान पूर्वक पूजा संपन्न कराई। सरकार के निर्देश के तहत मंदिर का पट आम लोगों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है इसी कारण मुख्यमंत्री ने भी मंदिर के बाहर से ही पूजा-अर्चना की और राज्यवासियों की सुख-समृद्धि की भगवान जगन्नाथ से कामना की।  मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा रथयात्रा की अनुमति नहीं देने के लिए भगवान जगन्नाथ से क्षमा भी मांगी। 

    मौके पर मंदिर परिसर में प्रेस-मीडिया को संबोधित करते हुए  हेमंत सोरेन ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज का दिन रथयात्रा का दिन है।  परंपरा के अनुसार हम सभी लोग रथयात्रा को बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाते रहे हैं।  आज के दिन भगवान जग्गनाथ  जी के मंदिर परिसर में काफी चहल-पहल हुआ करता था जिसके गवाह हम सभी लोग हैं। दुर्भाग्य है कि पिछले वर्ष तथा इस वर्ष भी वैश्विक महामारी कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने निमित्त रथयात्रा नहीं निकल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य एवं देश वैश्विक महामारी से गुजर रहा है इस महामारी में न जाने कितने लोगों ने अपनी जान गवाई है। कोरोना महामारी से कई लोगों ने अपने परिजनों को खोया है।  कई बच्चों से उनके माता-पिता का साया उठा है। आज भी कोरोना संक्रमण हमारे इर्द-गिर्द मंडरा रहा है। पुन: संक्रमण का ध्यान रखते हुए इस बार भी भारी मन से रथयात्रा नहीं निकाल पाने का निर्णय राज्य सरकार को लेना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने भगवान जग्गनाथ  के प्रति आस्था रखते हुए अपने-अपने घरों पर ही भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना तथा आराधना करने की अपील लोगों से की।  उन्होंने कहा की भक्त जनों की धार्मिक भावना से मै अवगत हु पर कोरोना संक्रमण की भयावहता को देखते हुए इस तरह का निर्णय लेना पड़ा।